राष्ट्रीय पुस्तकालय मिशन (NML) का 56वाँ क्षमता निर्माण कार्यक्रम 23 जुलाई को आंध्र यूनिवर्सिटी के कोडंदरामायाह ऑडिटोरियम में शुरू हुआ। पाँच‑दिन की इस ट्रेनिंग में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के सार्वजनिक पुस्तकालय कर्मचारियों को KOHA, दिव्यांगजन सेवाएँ, AI एवं ICT उपकरणों का उपयोग तथा बुकबाइंडिंग पर शिक्षित किया जाएगा। एपी की दो प्रमुख पुस्तकालयों को कुल 3.10 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता मंजूर की गई।
राष्ट्रीय पुस्तकालय मिशन (NML) के 56वें क्षमता निर्माण कार्यक्रम की शुरुआत गुरुवार को आंध्र विश्वविद्यालय के कोडंदरामायाह ऑडिटोरियम में हुई। पुस्तकालय व सूचना विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित यह पाँच‑दिन की प्रशिक्षण कार्यशाला 27 जुलाई तक चलेगी और इसमें आंध्र प्रदेश, तेलंगाना तथा छत्तीसगढ़ के सार्वजनिक पुस्तकालय कर्मचारी भाग लेंगे।
NML के उपाध्यक्ष डिपंजन चटर्जी ने बताया कि यह मिशन 2014 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के प्रस्ताव पर राष्ट्रीय ज्ञान आयोग की सिफारिश से शुरू हुआ था। इसमें चार मुख्य भाग हैं: देश भर में मॉडल सार्वजनिक पुस्तकालय स्थापित करना, सार्वजनिक पुस्तकालयों की गुणात्मक एवं मात्रात्मक सर्वेक्षण करना, पुस्तकालय कर्मचारियों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित करना, तथा राष्ट्रीय वर्चुअल लाइब्रेरी (अब भारतीय संस्कृति पोर्टल) विकसित करना। पहले तीन भागों को रजा राममोहन राय पुस्तकालय फाउंडेशन द्वारा लागू किया गया, जबकि संस्कृति पोर्टल का प्रबंधन IIT बॉम्बे करता है।
अब तक 55 ऐसे कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरे हो चुके हैं, जिनमें 2,500 से अधिक पेशेवरों को प्रशिक्षित किया गया है। इस सत्र में KOHA (एक मुक्त स्रोत पुस्तकालय स्वचालन सॉफ़्टवेयर), दिव्यांगजन सेवाओं में सुधार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता व ICT उपकरणों का उपयोग, तथा बुकबाइंडिंग (जो एक घटती हुई लेकिन आवश्यक कला है) पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।
विश्वविद्यालय के कुलपति जी.पी. राज सेखर ने उद्घाटन भाषण में कहा कि जबकि विश्व स्तर पर पुस्तकालय संस्कृति में क्रांति आई है, भारतीय संस्थान अभी भी तकनीकी अपनाने और बुनियादी ढाँचे के मामले में पीछे हैं। उन्होंने छात्रों को पुस्तकालयों की ओर आकर्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा, "पुस्तकालय केवल प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वालों के लिए नहीं, यह सभी के लिए है।"
वित्तीय सहायता के संबंध में चटर्जी ने बताया कि सातवें अनुसूची के तहत पुस्तकालय राज्य विषय है, इसलिए केंद्र की सहायता केवल राज्य पुस्तकालय योजना समिति की सिफ़ारिश पर 75:25 केंद्र‑राज्य अनुपात में जारी की जाती है। आंध्र प्रदेश के लिए अमरावती में स्थित राज्य केंद्रीय पुस्तकालय के लिये ₹2.23 करोड़ और राजमहेंद्रवारम् में स्थित श्री गौठमी क्षेत्रीय पुस्तकालय के लिये ₹87 लाख की मंजूरी मिली है। जबकि राजमहेंद्रवारम् के लिए पूरी राशि जारी हो चुकी है, अमरावती पुस्तकालय के लिये राज्य की मिलान राशि अभी बाकी है।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागी विभिन्न प्रसिद्ध सार्वजनिक एवं विश्वविद्यालय पुस्तकालयों का भ्रमण भी करेंगे।