असम के स्वदेशी कलाकार धीरज राभा का नया मल्टीमीडिया इंस्टालेशन 'रेमिनिसेंस ऑफ होम' घर और स्मृति के जटिल संबंधों को उजागर करता है। यह कलाकृति गोलपारा कैंप के पूर्व ULFA सदस्यों की अनसुनी कहानियों को जीवंत करती है।

  • कलाकार धीरज राभा का इंस्टालेशन 'रेमिनिसेंस ऑफ होम' घर की अवधारणा और स्मृति पर आधारित है।
  • यह पूर्व ULFA सदस्यों के गोलपारा कैंप में रहने वाले लोगों की अनकही कहानियों को आवाज देता है।
  • प्रोजेक्ट में आर्काइवल सामग्री, साक्षात्कार, ऑडियो-वीडियो और भौतिक संरचनाओं का उपयोग किया गया है।

असम के स्वदेशी कलाकार धीरज राभा ने एक अनूठा मल्टीमीडिया इंस्टालेशन, 'रेमिनिसेंस ऑफ होम' (Reminiscences of Home), तैयार किया है, जो 'घर' और 'स्मृति' के गहरे अर्थों की पड़ताल करता है। यह कलाकृति विशेष रूप से उन लोगों की अनकही कहानियों को सामने लाती है जो असम के गोलपारा में पूर्व ULFA (यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असोम) सदस्यों के लिए बनाए गए कैंप में रहे थे।

राभा का काम केवल कला नहीं, बल्कि एक गहन शोध है। इसमें आर्काइवल दस्तावेजों, व्यक्तिगत साक्षात्कारों, ऑडियो-वीडियो और भौतिक संरचनाओं का एक जटिल मिश्रण है। यह इंस्टालेशन उन लोगों के जीवन के बीच के अंतर को पाटने का प्रयास करता है जो समुदाय के भीतर के लोग हैं और जो बाहरी दुनिया से जुड़े हैं।

क्यों महत्वपूर्ण है यह कलाकृति?

BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि यह प्रोजेक्ट केवल कलात्मक अभिव्यक्ति नहीं है, बल्कि यह संघर्ष और शांति के बीच फंसे समुदायों के मानवीय पक्ष को समझने का एक माध्यम है। यह उन लोगों के अनुभवों को दर्ज करता है जिन्हें अक्सर मुख्यधारा की राजनीति और इतिहास में हाशिए पर धकेल दिया जाता है।

यह परियोजना संघर्ष के बाद के जीवन की जटिलताओं और घर की बदलती परिभाषाओं को समझने का एक सशक्त माध्यम है।

धीरज राभा का अपना बचपन भी इन परिस्थितियों से गहराई से जुड़ा है। 1999 में, उनका परिवार गोलपारा के एक आवासीय कैंप में स्थानांतरित हो गया था, जहाँ उनके पिता ने शांति वार्ता के बाद हथियार डाल दिए थे। राभा बताते हैं कि उन्होंने एक अत्यधिक निगरानी वाले वातावरण में अपना बचपन बिताया, लेकिन उनके लिए वह जीवन सामान्य था।

कलाकार ने इस प्रोजेक्ट की शुरुआत तब की जब वह शांति के दौरान अपने परिवार के साथ समय बिता रहे थे और लोगों की कहानियाँ सुन रहे थे। उन्होंने महसूस किया कि 'घर' की अवधारणा हर व्यक्ति के लिए अलग होती है। उन्होंने लोगों का साक्षात्कार लेना शुरू किया, जो धीरे-धीरे एक व्यापक शोध परियोजना में बदल गया, जिसे इंडिया फाउंडेशन फॉर द आर्ट्स (IFA) द्वारा समर्थन प्राप्त हुआ।

यह इंस्टालेशन पहले से ही सेरेन्डिपिटी आर्ट्स फेस्टिवल और कोच्चि-मुज़िरिस बिनाले जैसे प्रतिष्ठित मंचों पर प्रदर्शित किया जा चुका है। बेंगलुरु में, इसे 'सभा BLR' में प्रदर्शित किया जा रहा है, जहाँ राभा स्वयं दर्शकों के साथ इस कलाकृति के गहरे अर्थों पर चर्चा करते हैं।

Did You Know?: धीरज राभा ने अपनी कलात्मक शिक्षा विश्व भारती विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित शांतिनिकेतन (कला भवन) से प्राप्त की है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. 'रेमिनिसेंस ऑफ होम' का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य पूर्व ULFA सदस्यों के अनुभवों के माध्यम से घर और स्मृति की अवधारणा को पुनः परिभाषित करना और उनकी अनकही कहानियों को साझा करना है।

2. इस प्रोजेक्ट को किसने समर्थन दिया है?
इस शोध और कला परियोजना को इंडिया फाउंडेशन फॉर द आर्ट्स (IFA) द्वारा उनके आर्ट्स प्रैक्टिस कार्यक्रम के तहत कार्यान्वित किया गया है।