शिक्षा मंत्रालय के राज्य मंत्री सु्कंत मजुमदार ने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) में 39 में से 15 पद अभी भी रिक्त हैं। एजेंसी का अधिकांश स्टाफ बाहरी अनुबंध और डिप्यूटेशन पर निर्भर है, जिससे छात्रों के भारी दावों में तनाव बढ़ रहा है।
मुख्य बिंदु
- 39 बनाए गए पदों में से 15 अभी भी खाली हैं
- NTA का 24 स्थायी कर्मचारी सभी डिप्यूटेशन के आधार पर नियुक्त
- विद्यार्थी प्रदर्शन पर संभावित असर के कारण व्यापक विरोध
विस्तृत स्थिति
विष्णु शिवदान, सीपीआई(एम) के राजसभा सदस्य द्वारा पूछे गए प्रश्न पर 22 जुलाई 2026 को लिखित उत्तर में शिक्षा राज्य मंत्री सु्कंत मजुमदार ने बताया कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के 39 स्थापित पदों में से 15 अभी भी रिक्त हैं। वर्तमान में एजेंसी में 24 कर्मचारी हैं, जो सभी विभिन्न संस्थानों से डिप्यूटेशन के माध्यम से नियुुक्त हैं।
इसके अतिरिक्त, NTA ने 73 अनुबंधित अधिकारियों को, जिसमें जनरल मैनेजर (कम्युनिकेशन), वरिष्ठ सलाहकार और परामर्शदाता शामिल हैं, तथा 124 आउटसोर्स्ड कर्मियों को डेटा विश्लेषण, कानूनी समर्थन और हाउसकीपिंग जैसे कार्यों के लिए नियुक्त किया है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
2018 में स्थापित NTA को स्वायत्त और आत्मनिर्भर एजेंसी के रूप में डिजाइन किया गया था। तब से इसने 270 से अधिक परीक्षाएँ आयोजित की हैं, जिनमें 6.6 करोड़ से अधिक छात्रों ने भाग लिया। 2026 में अकेले 65 लाख छात्रों ने विभिन्न परीक्षाओं के लिए पंजीकरण किया।
हालाँकि, NEET, UGC‑NET जैसे उच्च‑स्तरीय परीक्षाओं में पेपर लीक और परीक्षा रद्दीकरण की घटनाएँ एजेंसी की विश्वसनीयता को लेकर गंभीर सवाल उठाती हैं।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the chronic understaffing and heavy reliance on deputation undermine the agency’s ability to ensure exam security and fairness, fueling nationwide student protests and eroding public trust in India’s higher‑education assessment system.
“एक स्थायी, योग्य स्टाफ बिना, NTA की संचालन क्षमता सीमित रहती है, जो परीक्षा के अखंडता को खतरे में डालता है।” – प्रो. अरविंद कुमार, शिक्षा नीति विशेषज्ञ
Frequently Asked Questions
Q1: क्या NTA के खाली पदों को भरने की कोई समयसीमा है?
A1: अभी तक सरकार ने कोई स्पष्ट समयरेखा नहीं दी है, लेकिन मंत्री ने त्वरित नियुक्ति की आवश्यकता पर ज़ोर दिया है।
Q2: डिप्यूटेशन के बजाय स्थायी नियुक्तियों से क्या लाभ होगा?
A2: स्थायी स्टाफ बेहतर उत्तरदायित्व, निरंतरता और परीक्षा सुरक्षा सुनिश्चित कर सकता है, जिससे छात्रों का विश्वास बढ़ेगा।