बेंगलुरु स्थित IISc के वैज्ञानिकों ने एन्केफालोमायोकार्डाइटिस वायरस (EMCV) के IRES द्वारा होस्ट राइबोसोम को हाइजैक करने की विस्तृत संरचना बताई। यह खोज नए एंटीवायरल दवाओं के विकास के लिए महत्वपूर्ण संकेत देती है।
मुख्य बिंदु
- वायरस अपने प्रोटीन निर्माण के लिए मेज़बान की राइबोसोम का उपयोग करता है
- EMCV का IRES राइबोसोम के 40S उपइकाई और initiator tRNA से जुड़ता है
- IRES को लक्ष्य बनाना नए उपचार की राह खोल सकता है
वायरस कैसे राइबोसोम को हाइजैक करता है
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) के शोध समूह ने क्रायो‑इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी (क्रायो‑EM) का प्रयोग करके यह दिखाया कि EMCV का इंटर्नल राइबोसोमल एंट्री साइट (IRES) सीधे 40S राइबोसोम सबयूनिट और initiator tRNA से जुड़ता है। यह जुड़ाव होस्ट के सामान्य प्रोटीन निर्माण को रोकते हुए वायरल जीनों को प्राथमिकता देता है।
वैज्ञानिकों ने एक विशेष पुल‑डाउन रणनीति अपनाई, जिसमें EMCV‑IRES‑समृद्ध mRNA को रैबिट रेटिकुलोसाइट्स के सेल लायसट से निकाला गया। इस प्रक्रिया से पूरे IRES‑प्री‑इनीशिएशन कॉम्प्लेक्स को शुद्ध किया गया और फिर क्रायो‑EM से संरचनात्मक विवरण प्राप्त हुए।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
IRES की पहली खोज दो दशकों पहले EMCV और पोलियोवायरस में हुई थी, लेकिन उनकी सटीक त्रि‑आयामी संरचना अज्ञात रही। पिछले अध्ययनों ने केवल यह बताया था कि IRES राइबोसोम को आकर्षित करता है, लेकिन यह नहीं बताया गया था कि यह किस तंत्र से ऐसा करता है। IISc की इस नई खोज ने इस अंतर को पाट दिया।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि IRES को ब्लॉक करने वाले मोलेक्यूल्स न केवल EMCV बल्कि पोलियोवायरस जैसे अन्य IRES‑निर्भर वायरसों के खिलाफ भी प्रभावी हो सकते हैं, जिससे व्यापक एंटी‑वायरल थैरेपी का मार्ग खुलता है।
"IRES‑राइबोसोम इंटरैक्शन को समझना वायरल संक्रमण की रोकथाम में एक गेम‑चेंजर हो सकता है," प्रो. तनवीर हुसैन ने कहा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्र: क्या IRES को लक्षित करने वाली दवाएँ अभी उपलब्ध हैं?
उत्तर: वर्तमान में ये शोध चरण में हैं, पर शुरुआती प्री‑क्लिनिकल डेटा आशावादी दिखा रहा है।
प्र: इस शोध से किन रोगों के इलाज में सुधार की उम्मीद है?
उत्तर: मुख्यतः पोलियो, EMCV और अन्य IRES‑निर्भर वायरसों द्वारा उत्पन्न न्यूरोलॉजिकल और कार्डियोलॉजिकल रोग।