जंतर मंतर में हजारों विरोधी अभी भी जुटे हैं जबकि सुरक्षा बलों ने इंटरनेट को 1.5 किमी के दायरे में बंद कर दिया है। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ा है, पर भी मोर्चा बढ़ता ही जा रहा है।
मुख्य बिंदु
- जंतर मंतर में इंटरनेट 24 घंटे बंद
- पुलिस और CJP के बीच टकराव की रिपोर्ट
- 16 मेट्रो स्टेशन बंद, ऑटो रिक्षा पर प्रतिबंध
जुलाइ 24, 2026 को दिल्ली के जंतर मंतर पर विरोध जारी रहा, जहाँ हजारों लोग संधि मार्ग के दोनों किनारों पर टकराव की स्थिति में थे। पुलिस ने सड़कों के कुछ हिस्सों को बाधित कर दिया और इंटरनेट को 1.5 किमी के दायरे में अस्थायी रूप से बंद कर दिया।
पिछली रात को कोकरॉच जनता पार्टी (CJP) और पुलिस के बीच छोटे‑छोटे झड़पें हुईं, जिसके बाद सुरक्षा को बढ़ाया गया और इंटरनेट को पूरी तरह से बंद कर दिया गया। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने बताया कि भाजपा के गुनहगारों ने प्रदर्शन में घुसपैठ कर पत्थर फेंक रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने पुलिस और CJP स्वयंसेवकों के बीच मानव श्रृंखला बनाकर सुरक्षा बलों से दूरी बनाई। पुलिस ने कहा कि आज तक कोई बड़ी घटना नहीं हुई, पर सतर्कता बरकरार है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
जंतर मंतर ने 1980 के दशक से कई राष्ट्रीय आंदोलन और विरोधी सभाओं को देखा है। यह स्थान स्वतंत्रता आंदोलन, एंटी‑भ्रष्टाचार रैलियों और हाल ही में विभिन्न सामाजिक आंदोलनों का मुख्य मंच बन गया है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि इंटरनेट प्रतिबंध और मेट्रो बंदी के बावजूद प्रदर्शन का आकार बढ़ रहा है, जो लोकतांत्रिक आवाज़ों की दृढ़ता को उजागर करता है। यह सरकार की प्रतिक्रिया और सार्वजनिक असंतोष के बीच के तनाव को भी दर्शाता है।
"इंटरनेट को बंद करके सरकार जनता के संवाद को रोक नहीं सकती; वास्तविक दबाव सड़क पर ही दिखता है," राजनीतिक विश्लेषक डॉ. रवींद्र सिंह ने कहा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: क्या इंटरनेट प्रतिबंध का समय सीमा तय है?
उत्तर: वर्तमान में यह प्रतिबंध 12 बजे रात तक जारी है, पर अधिकारियों ने इसे आगे बढ़ाने के संकेत दिए हैं।
प्रश्न 2: क्या छात्रों को प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने की अनुमति है?
उत्तर: सेक्शन 144 (अब सेक्शन 163) के तहत छात्रों की आवाज़ को रोकने के लिए ऑटो रिक्षा को रोका जा रहा है, पर वे पैदल चलकर पहुँच सकते हैं।