अमेरिका में 150‑दिवस के अस्थायी 10% शुल्क का समयसीमा आज समाप्त हो रही है। यदि कोई नया उपाय नहीं लिया गया तो भारतीय निर्यातकों को फिर से सामान्य MFN दरें मिलेंगी, पर आगे की जांचें नई टैरिफ़ की संभावना रखती हैं।
मुख्य बिंदु
- अमेरिका में 10% शुल्क आज 9:31 am IST पर समाप्त होगा।
- नए निर्णय न होने पर भारतीय वस्तुओं पर पहले की MFN दरें लागू होंगी।
- सेक्शन 301 जांचें नई टैरिफ़ों की संभावना को उजागर करती हैं।
पृष्ठभूमि
2025 अप्रैल में, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कई देशों पर प्रतिपक्षी टैरिफ़ लगाया, जिसमें भारत पर 26% शुल्क का प्रस्ताव भी शामिल था। बाद में, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने इन टैरिफ़ों को रद्द कर दिया, और 24 फ़रवरी को सेक्शन 122 के तहत 10% अस्थायी शुल्क लागू किया गया।
इस शुल्क का उद्देश्य अमेरिकी बाजार में भारतीय वस्तुओं की कीमतों को स्थिर रखना था, लेकिन यह 150 दिन की वैध अवधि के बाद स्वतः समाप्त हो जाता है।
क्या इसका भारत के निर्यातकों पर असर पड़ेगा?
यदि आज कोई नया घोषणा नहीं की जाती, तो भारतीय निर्यातकों को अब केवल मौजूदा MFN (Most Favoured Nation) शुल्क, जैसे कपड़ों पर 5% दर, का भुगतान करना पड़ेगा। इसका मतलब है कि 10% अतिरिक्त शुल्क का बोझ हट जाएगा।
ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनीशिएटिव (GTRI) के अनुसार, भारत के अमेरिकी निर्यात का 92% इस सामान्य WTO‑अनुकूल MFN दर पर वापस आएगा।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि इस शुल्क के समाप्त होने से भारतीय निर्माताओं की लागत में कमी आएगी, पर साथ ही सेक्शन 301 जांचों के कारण भविष्य में नई टैरिफ़ें लागू हो सकती हैं, जो बाजार की स्थिरता को फिर से चुनौती दे सकती हैं।
"सेक्शन 122 की समाप्ति केवल एक अस्थायी राहत है; सेक्शन 301 के परिणाम अभी भी अनिश्चित हैं," कहते हैं GTRI संस्थापक अजय श्रीवास्तव।
आगे की संभावनाएँ
वॉशिंगटन ने घोषणा की है कि वह सेक्शन 301 जांचों के तहत "अंतिम प्रतिक्रिया" जल्द ही जारी करेगा, जिसमें बलपूर्वक श्रम और अधिक उत्पादन क्षमता के आरोपों पर 12.5% या 10% टैरिफ़ की संभावना है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: यदि शुल्क समाप्त हो जाए तो भारतीय वस्तुओं की कीमतें अमेरिकी बाजार में कैसे बदलेंगी?
उत्तर: कीमतें आमतौर पर घटेंगी क्योंकि 10% अतिरिक्त लागत हट जाएगी, पर अन्य नीतियों के प्रभाव को भी देखना होगा।
प्रश्न 2: सेक्शन 301 के तहत संभावित नई टैरिफ़ें कौन-से उत्पादों को प्रभावित कर सकती हैं?
उत्तर: संभावित रूप से जेनरिक दवाइयाँ, इलेक्ट्रॉनिक्स और कुछ ऊर्जा उत्पादों को लक्ष्य बनाया जा सकता है।