30 वर्षीय बीएसएफ जावान चंदन सिंह पंजाब के फरीदपुर में ड्यूटी पर विद्युत शॉक से मारक रूप से घायल हो गया। उनकी पत्नी अनजु देवी ने कहा कि यह दुर्घटना नहीं, बल्कि वरिष्ठ अधिकारी द्वारा सताए जाने का परिणाम है, और निष्पक्ष जांच की मांग की।

मुख्य बिंदु

  • बीएसएफ जावान चंदन सिंह ने ड्यूटी के दौरान विद्युत शॉक से मौत का सामना किया।
  • पत्नी अनजु देवी ने वरिष्ठ अधिकारी द्वारा उत्पीड़न का आरोप लगाया।
  • परिवार निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग कर रहा है।

चंदन सिंह, 30 साल के बीएसएफ जावान, 24 जुलाई को पंजाब के फरीदपुर सीमा पर एक जनरेटर की मरम्मत करते समय विद्युत शॉर्ट सर्किट का शिकार हुए। उनका शरीर वर्तमान में बायार के जावायात गांव में स्थित है, जहाँ पोस्ट‑मॉर्टेम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम संस्कार आयोजित किए जाएंगे।

चंदन 2014 में बीएसएफ में शामिल हुए और फरीदपुर में कई वर्षों से सेवा दे रहे थे। परिवार के अनुसार, वह अक्सर एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा सताए जाने की शिकायत करते थे, जो महादलित समुदाय से था। वह इस कारण से बलपूर्वक इस्तीफा देने पर भी विचार कर रहे थे।

विवाह के सात साल बाद, चंदन की पत्नी अनजु देवी, जो बैंकाखण्ड में सरकारी स्कूल की शिक्षिका हैं, ने कहा, "मैंने अपने पति को कई बार कहा था कि वह वरिष्ठ अधिकारी द्वारा अत्याचार का शिकार है। अब उसकी अचानक मौत पर हम निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं।"

इतिहासिक पृष्ठभूमि

बीएसएफ के कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़ी कई घटनाएँ पहले भी रिपोर्ट हुई हैं, जिसमें ड्यूटी पर दुर्घटनाएँ और अवैध दबाव की शिकायतें शामिल हैं। 2019 में एक समान मामले में, एक जावान की मौत के बाद केंद्रीय जांच आयोग ने सुरक्षा उपायों में सुधार की सिफारिश की थी।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that allegations of internal harassment within paramilitary forces can erode public trust and affect morale, especially when fatalities occur under suspicious circumstances.

"सुरक्षा बलों में पारदर्शी जांच ही शारीरिक और मनोवैज्ञानिक सुरक्षा की गारंटी देती है," सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. रजनीश कुमार ने कहा।
Did You Know?: बीएसएफ में लगभग 15% कर्मियों ने पिछले पाँच वर्षों में कार्यस्थल उत्पीड़न की शिकायत की है, परंतु कई मामलों में उचित कार्रवाई नहीं हुई है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या बीएसएफ ने इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी किया है?

उत्तर: अभी तक बीएसएफ ने किसी भी बयान में इस मृत्युदर के बारे में टिप्पणी नहीं की है।

प्रश्न 2: परिवार को कब तक निष्पक्ष जांच की आशा मिल सकती है?

उत्तर: जांच प्रक्रिया के समय-सीमा पर अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है; यह न्यायालय के आदेश पर निर्भर करेगा।