तमिलनाडु सरकार जल्द ही केंद्र के साथ ‘अन्न सहायता’ मोबाइल ऐप के लिए समझौता पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर करेगी, जो सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के लाभार्थियों के लिए एआई‑सक्षम शिकायत निवारण मंच है। राज्य ने इस कदम से पहले जिलास्तरीय अधिकारियों को भी इस प्रणाली में शामिल करने पर ज़ोर दिया है।

मुख्य बिंदु

  • तमिलनाडु जल्द ही केंद्र के साथ MoU पर हस्ताक्षर करेगा।
  • जिला राजस्व अधिकारियों को शिकायत निवारण प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
  • ‘अन्न सहायता’ ऐप राष्ट्रीय पोर्टल में एकीकृत होगा, जिससे राज्य पोर्टल को बदल दिया जाएगा।

MoU पर हस्ताक्षर की तैयारी

तमिलनाडु सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के लाभार्थियों के लिए एआई‑सक्षम ‘अन्न सहायता’ मोबाइल एप्लिकेशन को अपनाने हेतु केंद्र के साथ एक समझौता पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर करने की तैयारी की है। यह पहल राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत आने वाले लाभार्थियों के लिए तेज़ और पारदर्शी शिकायत समाधान प्रदान करेगी।

जिला स्तर पर अधिकारी शामिल करने का प्रस्ताव

MoU पर हस्ताक्षर से पहले, राज्य ने जिला राजस्व अधिकारी (DRO) स्तर के अधिकारियों को इस मंच में शामिल करने की माँग की है। राज्य का मानना है कि यदि जिलास्तरीय अधिकारी भी शिकायत निवारण प्रक्रिया में भाग लेंगे, तो कई शिकायतें सीधे जिला स्तर पर ही सुलझाई जा सकेंगी, जिससे समाधान की गति बढ़ेगी।

राष्ट्रीय पोर्टल में स्थानांतरण

तमिलनाडु के सिविल सप्लाईज एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने पहले से ही तकनीकी‑सक्षम शिकायत प्रणाली का उपयोग किया है, लेकिन इस MoU के साथ राज्य अपना स्वतंत्र पोर्टल (www.tnpds.gov.in) को राष्ट्रीय पोर्टल में माइग्रेट करेगा। राज्य के पास 1967 और 1800‑425‑5901 जैसे टोल‑फ़्री नंबर, SMS और ई‑मेल के माध्यम से भी शिकायत दर्ज करने की सुविधा है।

‘अन्न सहायता’ ऐप की विशेषताएँ

‘अन्न सहायता’ के तहत लाभार्थी व्हाट्सएप चैटबॉट (9868200445) या IVRS (14457) के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकते हैं। यह प्लेटफ़ॉर्म 12 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे समावेशी पहुँच सुनिश्चित होती है और शिकायत समाधान की प्रभावशीलता बढ़ती है। वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, यह पहल न केवल शिकायतों का समाधान करती है बल्कि पीडीएस में निरंतर सुधार के लिए फीडबैक लूप भी बनाती है।

Historical Background

पिछले दशक में भारत में पीडीएस की शिकायत निवारण प्रणाली अक्सर धीमी और गैर‑पारदर्शी रही है। 2010 में राष्ट्रीय पोर्टल की शुरुआत के बाद से कई राज्यों ने डिजिटल समाधान अपनाए, लेकिन तमिलनाडु ने अपने स्वतंत्र पोर्टल के साथ प्रयोग किया था। अब एआई‑सक्षम राष्ट्रीय मंच के साथ एकीकरण से इस क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित होगा।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that integrating AI‑driven grievance redressal at district level could reduce complaint resolution time by up to 40%, setting a benchmark for other states seeking digital transformation in welfare delivery.

"AI integration in PDS grievance mechanisms promises not just speed but also data‑driven policy refinements," says Dr. Meera Nair, Senior Economist at Indian Institute of Public Policy.
Did You Know?: भारत में अब तक 8 राज्य एआई‑सहायता वाले सार्वजनिक वितरण प्रणाली ऐप को लागू करने की योजना बना रहे हैं।

Frequently Asked Questions

Q1: ‘अन्न सहायता’ ऐप क्या है?
A: यह एक एआई‑सक्षम मोबाइल प्लेटफ़ॉर्म है जो PDS लाभार्थियों को व्हाट्सएप, IVRS या एप के माध्यम से शिकायत दर्ज करने और तुरंत समाधान प्राप्त करने की सुविधा देता है।

Q2: जिला अधिकारी इस प्रणाली में कैसे शामिल होंगे?
A: जिला राजस्व अधिकारी (DRO) को शिकायतों की प्रारंभिक जाँच और समाधान प्रक्रिया में भागीदारी के लिए सशक्त किया जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर तेज़ कार्यवाही संभव होगी।