TTD के अनुबंध और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने न्यूनतम वेतन को ₹26,000 तक बढ़ाने की माँग की है। CITU ने अगले बोर्ड मीटिंग या 2026 के ब्रह्मोत्सव से पहले समाधान न मिलने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
मुख्य बिंदु
- TTD के अनुबंध कर्मचारियों ने ₹26,000 न्यूनतम वेतन की मांग की।
- CITU ने अगले बोर्ड मीटिंग या 2026 के ब्रह्मोत्सव से पहले समाधान नहीं मिलने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
- भोजन, दर्शन और नौकरी सुरक्षा के अधिकार भी मांगे गए।
प्रदर्शन का विवरण
तिरुपति में TTD प्रशासनिक इमारत के बाहर अनुबंध कर्मचारियों ने शनिवार को पिकटोरल प्रदर्शन किया, जहाँ उन्होंने न्यूनतम मासिक वेतन को वर्तमान ₹13,000 से बढ़ाकर ₹26,000 करने की माँग रखी।
CITU राज्य उपाध्यक्ष कंदरापु मुरली ने कहा कि लाखों भक्तों की सेवा करने वाले अनुबंध कर्मियों को उचित वेतन और जीवन‑यापन की सुविधा मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी उजागर किया कि वर्तमान वेतन स्तर पर कर्मचारियों के परिवारों की आर्थिक स्थिति अस्थिर है।
मुरली ने अनुबंध कर्मचारियों के लिए अन्न प्रसाद केंद्र की स्थापना, दर्शन सुविधा, लड्डु‑वडा प्रसाद कार्ड एवं नौकरी सुरक्षा की भी माँग की। उन्होंने कहा कि फ़ैसिलिटी मैनेजमेंट सर्विसेज़ (FMS) के तहत काम करने वाले कर्मचारियों को स्थायी पदों में बदलना अनिवार्य है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the wage demand reflects broader labor unrest across India's temple administrations, where rising living costs are pressuring unions to seek higher wages and better benefits for contract staff.
"If TTD does not address these demands, the resulting agitation could disrupt the upcoming Brahmotsavam, affecting millions of pilgrims," says labor economist Dr. Asha Rao.
Frequently Asked Questions
Q1: क्या TTD ने पहले भी वेतन वृद्धि की मांग पर जवाब दिया है?
A1: पिछले कुछ वर्षों में यूनियन की दबाव के बाद वेतन में कुछ मामूली वृद्धि हुई थी, पर अभी भी न्यूनतम स्तर बहुत कम माना जाता है।
Q2: यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो संभावित परिणाम क्या हो सकते हैं?
A2: संभावित परिणामों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन, बोर्ड मीटिंग में रुकावट, और ब्रह्मोत्सव के दौरान सेवाओं में व्यवधान शामिल हैं।