जून 2026 में बजाज चेतक इलेक्ट्रिक स्कूटर की बिक्री में 126% की वृद्धि हुई, कुल 40,376 यूनिट्स बिके। सबसे सस्ते वेरिएंट की रेंज 113 किमी है और पूरी चार्ज पर लागत लगभग ₹25 है।

मुख्य बिंदु

  • बजाज चेतक की बिक्री जून 2026 में 40,376 यूनिट्स तक पहुँची
  • पिछले साल की तुलना में 126% बिक्री वृद्धि
  • सस्ते वेरिएंट की रेंज 113 किमी, चार्जिंग लागत लगभग ₹25

बिक्री के आँकड़े

भारतीय इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार में जून 2026 में कुल 1,93,735 इलेक्ट्रिक स्कूटर बेचे गए। इनमें बजाज चेतक सबसे लोकप्रिय रहा, जिसकी 40,376 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की गई।

पिछले वर्ष से तुलना

जून 2025 में चेतक की बिक्री 17,864 यूनिट्स थी। एक साल में बिक्री में 126% की जबरदस्त वृद्धि हुई, जो इस मॉडल की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाती है।

बैटरी विकल्प और रेंज

चेतक में 2.5 kWh, 3.0 kWh और 3.5 kWh बैटरी विकल्प उपलब्ध हैं, जो क्रमशः 113 km, 131 km और 153 km की दावा की गई रेंज प्रदान करते हैं। सबसे सस्ते वेरिएंट की रेंज 113 km है।

चार्जिंग खर्च

10 ₹ प्रति यूनिट बिजली दर पर पूरी बैटरी चार्ज करने की लागत लगभग ₹25 आती है, हालांकि वास्तविक रेंज उपयोग में कम हो सकती है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

बजाज ऑटो ने 2020 में चेतक को इलेक्ट्रिक स्कूटर के रूप में लॉन्च किया, जिससे भारत में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन के अपनाने में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया। तब से कंपनी ने बैटरी तकनीक और मूल्य रणनीति में कई सुधार किए हैं, जिससे वर्तमान में यह मॉडल किफायती और भरोसेमंद विकल्प बन गया है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the surge in electric scooter sales signals a shift toward sustainable urban mobility, and the price‑to‑range ratio of the Chetak makes it a compelling choice for cost‑conscious consumers.

"बजाज चेतक का मूल्य‑रेंज संतुलन भारतीय बाजार में इसे एक प्रतिस्पर्धी विकल्प बनाता है," कहते हैं ऑटो उद्योग विशेषज्ञ रवि शेखर।
Did You Know?: बजाज चेतक की बैटरी को केवल 2‑3 घंटे में फुल चार्ज किया जा सकता है, जिससे दैनिक उपयोग में बड़ी सुविधा मिलती है।

Frequently Asked Questions

सवाल 1: चेतक की वास्तविक रेंज कितनी होती है?
उत्तर: वास्तविक रेंज ड्राइविंग शैली, ट्रैफ़िक और मौसम के अनुसार 80‑100 km के बीच बदल सकती है।

सवाल 2: क्या चेतक को सरकारी सब्सिडी मिलती है?
उत्तर: कई राज्य सरकारें इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन पर सब्सिडी देती हैं, जिससे अंतिम कीमत कम हो सकती है।