ब्रिस्टल मायर्स स्क्विब ने RELOPDUO – निवार्माब और रिलैटलीमाब का फिक्स्ड‑डोज़ संयोजन – को भारत में मंजूरी दिलवाई। यह पहली LAG‑3‑आधारित द्वि‑इम्यूनोथेरेपी है, जो 12 वर्ष और उससे ऊपर के रोगियों में मेटास्टेटिक मेलेनोमा के लिए उपयोगी है।

मुख्य बिंदु

  • RELOPDUO भारत में पहला LAG‑3‑आधारित द्वि‑इम्यूनोथेरेपी है।
  • निवार्माब (PD‑1) और रिलैटलीमाब (LAG‑3) का संयोजन प्रगति‑रहित जीवित रहने की अवधि को बेहतर बनाता है।
  • लागू आयु समूह में 12 वर्ष और उससे अधिक के वयस्क तथा किशोर शामिल हैं।

ब्रिस्टल मायर्स स्क्विब (BMS) ने भारत में RELOPDUO के लॉन्च की घोषणा की, जो निवार्माब और रिलैटलीमाब का फिक्स्ड‑डोज़ संयोजन है। यह दवा भारत के सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) से मंजूरी प्राप्त कर चुकी है।

RELOPDUO पहली बार LAG‑3‑आधारित द्वि‑इम्यूनोथेरेपी के रूप में पेश की गई है, जो अनरिसेक्टेबल या मेटास्टेटिक मेलेनोमा वाले वयस्क और 12 वर्ष से ऊपर के बच्चों के लिए निर्धारित है। निवार्माब PD‑1 को ब्लॉक करता है, जबकि रिलैटलीमाब LAG‑3 को, जिससे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली कैंसर कोशिकाओं को बेहतर ढंग से पहचानती और नष्ट करती है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

इम्यूनोथेरेपी का विकास 1990 के दशक में शुरू हुआ, जब पहली PD‑1 इनहिबिटर को क्लिनिकल परीक्षणों में दिखाया गया था। पिछले दो दशकों में, कई मोनोक्लोनल एंटीबॉडी विकसित किए गए, परन्तु LAG‑3 को लक्ष्य बनाकर दोहरी रोकथाम का विचार अभी हालिया है। RELATIVITY‑047 चरण‑2/3 परीक्षण ने निवार्माब अकेले की तुलना में प्रगति‑रहित जीवित रहने (PFS) में उल्लेखनीय सुधार दिखाया, जिससे भारत में त्वरित स्वीकृति मिली।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the introduction of a dual checkpoint inhibitor in India could dramatically improve survival rates for melanoma patients, a disease that previously had limited therapeutic options in the region.

"द्वि‑इम्यूनोथेरेपी का संयोजन रोगियों की जीवन गुणवत्ता को बढ़ाता है और उपचार के विकल्पों को विस्तारित करता है," कहते हैं डॉ. अंशु शर्मा, ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञ।
क्या आप जानते हैं?: मेलेनोमा विश्वभर में सबसे घातक त्वचा कैंसर में से एक है, और इसकी 5‑वर्षीय जीवित रहने की दर 80% से घट कर 20% तक गिर सकती है, यदि देर से पता चल जाए।

Frequently Asked Questions

Q1: RELOPDUO का दुष्प्रभाव क्या हैं?
A: आम दुष्प्रभावों में थकान, त्वचा में खुजली, और इंटेस्टाइनल समस्याएं शामिल हैं; गंभीर मामलों में इम्यून‑संबंधी एंटी‑जैविक प्रतिकूल प्रतिक्रियाएं देखी जा सकती हैं।

Q2: क्या यह दवा अन्य कैंसर में भी उपयोगी है?
A: वर्तमान में केवल मेलेनोमा के लिए मंजूरी है, परंतु क्लिनिकल ट्रायल्स में अन्य ट्यूमर प्रकारों में भी संभावित लाभ दिखाया जा रहा है।