एरोडे कलेक्टरैट में एक 74 वर्षीय वृद्ध ने आधार कार्ड न मिलने के कारण आत्महत्या का प्रयास किया। पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप कर उनकी जान बचाई।

मुख्य बिंदु

  • वृद्ध ने कई बार आधार कार्यालय में आवेदन किया, लेकिन कार्ड नहीं मिला।
  • कलेक्टरैट में चल रही शिकायत निवारण बैठक के दौरान आत्महत्या का प्रयास हुआ।
  • पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप कर जीवन बचाया और मामले की जांच शुरू की।

घटना का विवरण

एरोडे कलेक्टरैट में 27 जुलाई, 2026 को एक साप्ताहिक शिकायत निवारण बैठक चल रही थी। प्रवेश द्वार पर सुरक्षा कर्मियों ने एक वृद्ध व्यक्ति को आत्महत्या का प्रयास करते हुए देखा और तुरंत पुलिस को सूचित किया।

पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और पुरुष को बचाया। वह व्यक्ति मुर्गन, पॉयरिकराई, पेरियार नगर का 74 वर्षीय निवासी बताया गया। पूछताछ में उसने बताया कि वह पिछले कुछ दिनों से आधार कार्यालय में लगातार जा रहा था, लेकिन अभी तक अपना आधार कार्ड नहीं मिला है। अधिकारियों द्वारा लगातार एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय तक भेजे जाने से वह निराश होकर कलेक्टरैट में प्रोटेस्ट करने आया था।

इतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत में आधार कार्ड का प्रसार 2010 के दशक से जारी है, लेकिन कई राज्यों में आवेदन प्रक्रिया में देरी और बिचौलियों की समस्या बनी हुई है। ऐसी ही देरी के कारण पिछले वर्षों में कई सामाजिक तनाव और कानूनी लड़ाइयां देखी गई हैं।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that delays in essential public services like Aadhaar can trigger severe mental health crises, especially among senior citizens who rely on these documents for pensions and healthcare.

"सरकारी दस्तावेज़ों की समय पर उपलब्धता न केवल प्रशासनिक दक्षता को दर्शाती है, बल्कि नागरिकों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है," कहा मनोवैज्ञानिक डॉ. रजत सिंह ने।
Did You Know?: भारत में हर साल लगभग 5 लाख लोग आधार कार्ड प्राप्त करने में अत्यधिक देरी का सामना करते हैं।

Frequently Asked Questions

Q1: आधार कार्ड के लिए आवेदन करने के बाद औसत वितरण समय कितना होता है?

Q2: अगर कोई नागरिक अपने आधार कार्ड नहीं प्राप्त कर पाता तो कौन से अधिकारिक उपाय उपलब्ध हैं?