सॉथबी में आयोजित नीलामी में जॉन क्वैरिच ने पिलग्रिम्स प्रोग्रेस की प्रथम संस्करण की एक पूर्ण प्रति 6,800 पाउंड में खरीदी। विश्वभर में केवल चार ऐसी बेहतरीन प्रतियां ज्ञात हैं, जिससे यह नीलामी इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम बन गई।

मुख्य बिंदु

  • सॉथबी ने पिलग्रिम्स प्रोग्रेस की प्रथम प्रति 6,800 पाउंड में नीलाम की।
  • खरीदार थे श्री क्वैरिच, जो चार ज्ञात पूर्ण प्रतियों में से एक को हासिल कर गए।
  • यह पुस्तक 17वीं सदी के सबसे प्रभावशाली धार्मिक ग्रंथों में से एक है।

लंदन, 27 जुलाई 1926 – सॉथबी के हॉल में इतिहासकारों और संग्रहकर्ताओं का जमावड़ा लगा था जब जॉन क्वैरिच ने पिलग्रिम्स प्रोग्रेस की प्रथम पूर्ण प्रतिलिपि 6,800 पाउंड में खरीदी। यह कीमत उस समय के लिए अभूतपूर्व थी और पुस्तक की दुर्लभता को दर्शाती थी।

जॉन क्वैरिच एक प्रतिष्ठित पुस्तक संग्राहक थे, जिन्होंने इस दुर्लभ प्रति को अपने निजी संग्रह में जोड़ लिया। वर्तमान में ज्ञात केवल चार ऐसी पूर्ण प्रतियां हैं, जिनमें से यह सबसे उत्कृष्ट मानी जाती है।

Historical Background

जॉन बुन्यन द्वारा 1678 में लिखी गई पिलग्रिम्स प्रोग्रेस ने अंग्रेजी साहित्य में एक नई दिशा स्थापित की। यह आध्यात्मिक यात्रा का उपन्यास न केवल धार्मिक विचारधारा को प्रतिबिंबित करता है, बल्कि अंग्रेजी भाषा की शैली में भी क्रांति लाया।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that ऐसी दुर्लभ पुस्तकें न केवल सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करती हैं, बल्कि आज के पुस्तक बाजार में निवेश के नए मानक स्थापित करती हैं। इस नीलामी ने संग्रहकर्ताओं को उच्च मूल्य पर दुर्लभ वस्तुओं के लिए प्रतिस्पर्धा करने की प्रेरणा दी।

“इतिहास की इस तरह की वस्तु का मूल्य केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और शैक्षणिक भी है।” – डॉ. अर्मान सिंह, बुक एंटिक्विटीज़ विशेषज्ञ
Did You Know?: पिलग्रिम्स प्रोग्रेस का पहला पूर्ण संस्करण केवल 742 पृष्ठों का था, और यह मूल रूप से दो भागों में प्रकाशित हुआ था।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या इस पुस्तक की अन्य प्रतियां भी नीलाम हुई हैं?

उत्तर: हाँ, पिछले दशकों में कुछ अन्य प्रतियों की नीलामियां हुई हैं, लेकिन वे सभी इस प्रथम संस्करण की तरह पूर्ण नहीं थीं।

प्रश्न 2: जॉन क्वैरिच ने इस पुस्तक को कहाँ रखा?

उत्तर: क्वैरिच ने इसे अपने निजी लाइब्रेरी में रखा, जहाँ आज भी शोधकर्ता इसके अध्ययन के लिए अनुमति मांगते हैं।