गोडरेज एग्रोवेट ने तेलंगाना के खम्माम में भारत का पहला एकीकृत तेल ताड़ कॉम्प्लेक्स का शुभारंभ किया। इस परियोजना में बीज से लेकर रिफाइनरी तक सभी प्रक्रियाएँ एक ही छत के नीचे होंगी और कुल निवेश 300 करोड़ रुपये होगा। यह कदम भारत की खाद्य तेल सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
मुख्य बिंदु
- गोडरेज एग्रोवेट ने 300 करोड़ रुपये का निवेश करके प्रथम एकीकृत तेल ताड़ कॉम्प्लेक्स खोल दिया।
- भविष्य में 30,000 हेक्टेयर तक पौधारोपण का लक्ष्य, 2030 तक।
- सम्पूर्ण मूल्य श्रृंखला – बीज, नर्सरी, R&D, मिल और रिफाइनरी – एक ही स्थल पर।
परिचय
मुंबई, भारत – 27 जुलाई 2026 को गोडरेज एग्रोवेट लिमिटेड ने तेलंगाना के खम्माम में भारत का पहला एकीकृत तेल ताड़ कॉम्प्लेक्स का शुभारंभ किया। इस परियोजना में बीज एवं जीनetics, नर्सरी, अनुसंधान एवं विकास (R&D) केंद्र, मिल और आगामी अत्याधुनिक रिफाइनरी सभी शामिल हैं।
इतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत ने पिछले दो दशकों में तेल ताड़ की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए कई पहलें शुरू की हैं, परन्तु अधिकांश सुविधाएँ बिखरी हुई थीं। गोडरेज एग्रोवेट का यह कॉम्प्लेक्स पहली बार सभी प्रक्रियाओं को एक ही छत के नीचे लाकर उत्पादन, गुणवत्ता और लागत में क्रांति लाने का लक्ष्य रखता है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that integrating the entire oil palm value chain reduces dependency on imports, creates rural jobs, and aligns with India's self‑reliance goals for edible oil.
"एकीकृत मॉडल न केवल उत्पादन दक्षता बढ़ाता है, बल्कि किसानों के आय में स्थायी वृद्धि भी सुनिश्चित करता है," प्रो. अजय सिंह, कृषि अर्थशास्त्री ने कहा।
मुख्य विशेषताएँ
कॉम्प्लेक्स में 30 टन/घंटा की क्षमता वाला मिल स्थापित किया गया है, जिसे 60 टन/घंटा तक विस्तारित किया जा सकेगा। साथ ही, एक समाधान केंद्र भी है जो तेल ताड़ किसानों को तकनीकी सलाह, इनपुट्स और बाजार जानकारी प्रदान करता है।
सरकारी समर्थन
तेलंगाना के उपमुख्य मंत्री तथा वित्त एवं योजना मंत्री श्री भट्टि विक्रमार्क मल्लु ने उद्घाटन समारोह में कहा, "यह कॉम्प्लेक्स तेलंगाना की तेल ताड़ मिशन का एक मील का पत्थर है और राज्य को राष्ट्रीय खाद्य तेल सुरक्षा के प्रमुख खिलाड़ी में बदल देगा।"
Frequently Asked Questions
- यह कॉम्प्लेक्स किस प्रकार भारतीय तेल ताड़ उद्योग को बदल देगा?
- गोडरेज एग्रोवेट की इस पहल से स्थानीय किसानों को क्या लाभ होगा?