भारत ने नई CAFE III ईंधन दक्षता मानदंड पेश किए हैं, लेकिन लचीलापन तंत्र उन्हें वास्तविक परिवर्तन से दूर रख सकते हैं। यदि नियम केवल अनुपालन पर केंद्रित रहे, तो देश आयातित कच्चे तेल पर अपनी निर्भरता नहीं घटा पाएगा।
मुख्य बिंदु
- CAFE III का लक्ष्य 2031‑32 तक औसत उत्सर्जन को 77 gCO₂/km तक घटाना है।
- ईथेनॉल‑सुपरक्रेडिट और बैंकिन्ग तंत्र नियमों की प्रभावी कठोरता को कम करते हैं।
- चीन के दो‑क्रेडिट मॉडल की तुलना में भारत का वर्तमान ढांचा नवाचार को पर्याप्त प्रोत्साहन नहीं देता।
CAFE III: अनुपालन या परिवर्तन?
ऊर्जा मंत्रालय ने 16 जुलाई को ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया, जिसमें CAFE III का तीसरा संस्करण प्रस्तुत किया गया। कुछ निर्माताओं ने कठोर मानक माँगे, जबकि अन्य ने लचीलापन की मांग की। प्रस्ताव का संतुलन प्रश्न उठाता है – क्या यह वास्तविक परिवर्तन को प्रेरित करेगा या केवल औपचारिक अनुपालन को?
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
1975 में अमेरिकी CAFE मानक ने 1973 के तेल प्रतिबंध के बाद तेल निर्भरता कम करने के लिए स्थापित किया। 1990 के दशक में ये मानक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन घटाने के उद्देश्य से भी अपनाए गए, जिससे हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों में नवाचार को प्रोत्साहन मिला। चीन ने 2004 में समान मानक लागू किए, और 2018 में दो‑क्रेडिट प्रणाली के साथ इसे इलेक्ट्रिक संक्रमण के लिए एक बाजार‑आधारित मॉडल में बदल दिया।
लचीलापन तंत्र की लागत
कार्बन न्यूट्रैलिटी फैक्टर ईथेनॉल‑ब्लेंडेड फ्यूल वाले वाहनों को अतिरिक्त अंक देता है, जबकि सरकार ने अभी तक E20 से आगे की ब्लेंडिंग नीति नहीं अपनाई। सुपरक्रेडिट बैटरी‑EV, प्लग‑इन हाइब्रिड, स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड और फ्लेक्स‑फ्यूल वाहनों को अधिक वजन देता है, जिससे वास्तविक कम‑उत्सर्जन बिक्री की आवश्यकता घटती है। अंत में, बैंकिन्ग व ट्रेडिंग तंत्र निर्माताओं को क्रेडिट जमा करने या खरीदने की अनुमति देता है, जिससे सख्त लक्ष्य प्रभावी रूप से ढीले पड़ते हैं।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that without a stringent, technology‑neutral framework, India risks locking‑in ICE‑dominant fleets for the next decade, jeopardizing energy security and climate goals.
"यदि CAFE III केवल लचीलापन पर फोकस करेगा, तो भारत की इलेक्ट्रिक संक्रमण गति धीमी रह जाएगी," कहा उद्योग विशेषज्ञ डॉ. अजय मेहरा।
तुलनात्मक तालिका
| क्षेत्र | 2025 में EV बिक्री प्रतिशत |
|---|---|
| चीन | 55% |
| EU | 27% |
| अमेरिका | 10% |
| भारत | 4% |
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: CAFE III में सुपरक्रेडिट कैसे काम करता है?
उत्तर: यह EV, प्लग‑इन हाइब्रिड और स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड को अतिरिक्त वजन देता है, जिससे उनकी बिक्री कुल फ्लीट औसत को बेहतर बनाती है।
प्रश्न 2: भारत में EV अपनाने की मुख्य बाधा क्या है?
उत्तर: उच्च वाहन लागत, सीमित चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर, और वर्तमान नियमों में पर्याप्त प्रोत्साहन की कमी।