भारतीय राष्ट्रीय लीग ने कहा है कि वी.डी. सतहीसन के नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार केरल राज्य वक्फ बोर्ड और उसके संपत्तियों, विशेषकर विवादित मुंबाम वक्फ जमीन, को अपने हाथ में लेने की साजिश रचा रही है। यह कदम RSS के एजेंडा को आगे बढ़ाने के लिए किया जा रहा है और पार्टी ने सभी धर्मनिरपेक्ष ताकतों को इस खतरनाक चाल के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया है।

मुख्य बिंदु

  • INL ने यूडीएफ के वक्फ बोर्ड को भंग कर अपने नामित लोगों को स्थापित करने के इरादे का आरोप लगाया।
  • मुंबाम वक्फ जमीन के विवाद को प्रभावित करने के लिए बोर्ड में बदलाव की योजना है।
  • पार्टी ने इस कदम को रोकने के लिए धर्मनिरपेक्ष गठबंधन बनाने की अपील की।

पार्टी का बयान

केरल में भारतीय राष्ट्रीय लीग (INL) ने कहा कि कांग्रेस‑मुस्लिम लीग गठबंधन ने राज्य वक्फ बोर्ड को नियंत्रित करने के लिए एक "योजित प्रयास" शुरू किया है, जिससे RSS का एजेंडा लागू हो सके। सोमवार (27 जुलाई 2026) को कोझिकोड में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य अध्यक्ष अहमद देवर्कोविल और महासचिव कासिम इरिक्कुर ने सतहीसन‑नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार पर यह आरोप लगाया।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

केरल राज्य वक्फ बोर्ड को फरवरी 2025 में नौ सदस्यीय बोर्ड के रूप में स्थापित किया गया था, जिसमें दो गैर‑मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति नहीं की गई थी। यह कदम पिछले बाएँ गठबंधन (LDF) सरकार की नीति का परिणाम था, क्योंकि धर्मनिरपेक्ष दलों ने 2025 के वक्फ (संशोधन) अधिनियम के विरोध में मतदान किया था। अब यूडीएफ सरकार केरल उच्च न्यायालय में बोर्ड को पुनर्संयोजित करने की अनुमति मांग रही है, जिससे गैर‑मुस्लिम प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सके।

वक्फ भूमि विवाद

INL ने विशेष रूप से मुंबाम वक्फ जमीन को लेकर सरकार की चाल को उजागर किया। पार्टी का कहना है कि वर्तमान सरकार इस मामले में अपने नामित लोगों को स्थापित करके भूमि के दावे को अपने पक्ष में मोड़ना चाहती है, जिससे राजनीतिक उथल‑पुथल की संभावना बढ़ गई है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the attempted takeover could reshape communal politics in Kerala, a state traditionally known for its secular fabric. Control over the Waqf Board would give the ruling coalition leverage over significant assets and influence over a sizable minority electorate.

"यदि वक्फ बोर्ड का नियंत्रण राजनीति के हाथों में चला गया तो यह सामाजिक सामंजस्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है," कहा विशेषज्ञ राजनैतिक वैज्ञानिक प्रो. अजय सिंह ने।
Did You Know?: केरल में वक्फ संपत्तियों की कुल कीमत लगभग 2,500 करोड़ रुपये आंकी गई है, जो राज्य के धार्मिक और सामाजिक कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: वक्फ बोर्ड का पुनर्संयोजन कैसे किया जा सकता है?

उत्तर: वर्तमान सरकार केरल उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर रही है, जिससे बोर्ड में दो गैर‑मुस्लिम सदस्य शामिल किए जा सकें।

प्रश्न 2: इस कदम का चुनावी राजनीति पर क्या असर पड़ेगा?

उत्तर: यदि सफल हुआ तो यह यूडीएफ को मुस्लिम मतदाताओं के बीच बढ़त दिला सकता है, जबकि विरोधी दलों को उनके समर्थन में गिरावट का सामना करना पड़ सकता है।