खम्माम जिले के मधिरा में स्थापित नई हाई‑टेक सामुदायिक रसोई 44,107 छात्रों को स्वच्छ एवं पोषक नाश्ता प्रदान करेगी। यह सुविधा हर सुबह बड़ी मात्रा में इडली, दोसा और पूरी तैयार कर स्कूलों तक पहुंचाएगी।
मुख्य बिंदु
- 8,000 वर्ग फुट का आधुनिक किचन
- प्रति घंटे 3,600 पुरियां, 2,000 दोसे, 1,520 इडली तैयार
- 44,107 छात्रों को 879 स्कूलों में नाश्ता
परिचय
हैरे कृष्णा मूवमेंट चैरिटेबल फाउंडेशन (HKMCF) द्वारा 8,000 वर्ग फुट के शेड में स्थापित यह केंद्रित सामुदायिक रसोई, खम्माम के 16 मंडलों में स्थित 879 सरकारी एवं आवासीय विद्यालयों के लिए नाश्ता तैयार करेगी।
तकनीकी विशेषताएँ
स्वचालित उपकरण 20 मिनट में 1,520 इडली, एक घंटे में 2,000 दोसे और 3,600 पुरियां तैयार कर सकते हैं, जिससे बड़े पैमाने पर भोजन का उत्पादन संभव हो गया है।
परिचालन प्रक्रिया
डिप्टी मुख्य मंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने उद्घाटन के बाद किचन की गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला का निरीक्षण किया और नाश्ते को स्कूलों तक पहुंचाने के लिए कस्टम‑बिल्ट वाहनों को ध्वजवाहित किया।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that such technology‑driven kitchens can dramatically improve nutritional outcomes while reducing logistical costs for state‑run school feeding schemes.
"यह हाई‑टेक रसोई न केवल पोषण की गुणवत्ता बढ़ाएगी, बल्कि समय पर वितरण को भी सुनिश्चित करेगी," डिप्टी मुख्य मंत्री ने कहा।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: यह किचन कितने स्कूलों को कवर करती है?
उत्तर: यह 879 सरकारी और आवासीय स्कूलों को कवर करती है।
प्रश्न 2: भोजन वितरण के लिए कौन से वाहन उपयोग में लाए जा रहे हैं?
उत्तर: विशेष रूप से निर्मित थर्मल इंसुलेटेड वैनें उपयोग की जा रही हैं, जो भोजन को ताज़ा रखती हैं।