जंतर‑मंत्र और कनॉट प्लेस में हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान RAF के एक जवान ने पेलेट गन चलाई, जिससे कई छात्रों को चोटें आईं। CRPF ने अभी तक आधिकारिक निष्कर्ष नहीं दिया, जबकि विस्तृत आंतरिक रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

मुख्य बिंदु

  • जंतर‑मंत्र के छात्र विरोध में RAF के जवान ने पेलेट गन चलाई।
  • CRPF ने अभी तक आधिकारिक निष्कर्ष जारी नहीं किया, आंतरिक रिपोर्ट तैयार चल रही है।
  • रिपोर्ट में RAF की कार्रवाई और ऑपरेशन की व्यापक समीक्षा शामिल होगी।

नई दिल्ली – 27 जुलाई 2026 को जंतर‑मंत्र और कनॉट प्लेस क्षेत्रों में हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान एक RAF (रैपिड एक्शन फोर्स) जवान ने पेलेट राउंड चलाई, जिससे कई प्रदर्शनकारियों को चोटें आईं। यह घटना स्थानीय और राष्ट्रीय मीडिया में तेज़ी से चर्चा का विषय बन गई है।

प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, पेलेट राउंड जमीन से टकराकर बिखर गए, जिससे कुछ छात्रों को गंभीर चोटें और एक छात्र की दृष्टि जोखिम में पड़ गई। इस बीच, 47 से अधिक RAF जवान भी घायल हुए, जिनमें से कुछ को गंभीर चोटें आईं।

Historical Background

पिछले वर्षों में भारत में कई विरोध प्रदर्शन में पेलेट गन या टियर गैस का इस्तेमाल किया गया है, विशेषकर पंजाब और कश्मीर में सुरक्षा बलों द्वारा। इन उपायों को अक्सर मानवाधिकार संगठनों द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग के रूप में निंदा किया गया है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the use of pellet guns in civilian protests raises serious concerns about proportionality, accountability, and the erosion of public trust in law‑enforcement agencies.

"पेलेट गन का प्रयोग, जब तक वैध सुरक्षा आवश्यकता न हो, लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ माना जाता है," कहा सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. अजय सिंह ने।
Did You Know?: 2019 में दिल्ली के एक छात्र आंदोलन में भी पेलेट गन का प्रयोग हुआ था, जिसके बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने व्यापक जांच का आदेश दिया था।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या RAF के जवान पर कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी?

उत्तर: अभी तक आधिकारिक तौर पर कोई निर्णय नहीं आया है; जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।

प्रश्न 2: क्या छात्रों को चिकित्सा सहायता मिली?

उत्तर: घायल छात्रों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया और उपचार जारी है।