यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की ने लंदन में प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम से मुलाकात की, जहाँ यूके ने नई 'स्टोन क्लोअक' इलेक्ट्रॉनिक जाम प्रणाली को यूक्रेन को सौंपने की पेशकश की। यह कदम रूस के खिलाफ ड्रोन हमलों को और तीव्र करने की रणनीति को समर्थन देगा।

मुख्य बिंदु

  • बर्नहैम ने जेलेंस्की को यूके का पूर्ण समर्थन बताया
  • यूक्रेन को 'स्टोन क्लोअक' प्रणाली का बौद्धिक संपदा मिलेगा
  • रूस के खिलाफ ड्रोन हमले तेज़ी से बढ़ रहे हैं

लंदन, 27 जुलाई 2026 – यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की ने सोमवार को इंग्लैंड में प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम से मुलाकात की, जिसमें बर्नहैम ने यूक्रेन के प्रति यूके की "अटल" समर्थन की पुष्टि की। यह दौरा बर्नहैम के पद संभालने के एक हफ्ते बाद की पहली विदेशी नेता की यात्रा है।

बैठक के दौरान बर्नहैम ने घोषणा की कि यूके यूक्रेन को अपने नए ‘स्टोन क्लोअक’ इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम की बौद्धिक संपदा प्रदान करेगा, जो रूसी एंटी-एयर डिफेंस को जाम कर ड्रोन को अदृश्य बना सकता है। इस तकनीक से यूक्रेन के ड्रोन आक्रमण की प्रभावशीलता में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है।

दोनों नेताओं ने दक्षिणी इंग्लैंड के पोर्टसमाउथ में स्थित नौसैनिक अड्डे का दौरा किया और 200 से अधिक यूक्रेनी सैनिकों से मुलाकात की, जो पिछले तीन हफ्तों से ब्रिटिश प्रशिक्षण में भाग ले रहे हैं। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ब्लैक सी में खनन-प्रतिरोधी क्षमताओं को बढ़ाना है।

क्यों यह महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि 'स्टोन क्लोअक' प्रणाली का हस्तांतरण यूक्रेन को रूसी वायु रक्षा को बाइपास करने की नई क्षमता देगा, जिससे रणनीतिक लक्ष्य पर हमले की सफलता दर बढ़ेगी और संघर्ष की गतिशीलता में बदलाव आएगा।

"स्टोन क्लोअक जैसी इलेक्ट्रॉनिक जाम तकनीक युद्ध की प्रकृति को बदल रही है," कहा साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. रिहान अहमद ने।
Did You Know?: यह 'स्टोन क्लोअक' प्रणाली पहले केवल ब्रिटिश समुद्री डिफेंस में उपयोग की गई थी, अब इसे भूमि पर भी लागू किया जा रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: क्या 'स्टोन क्लोअक' प्रणाली का उपयोग केवल ड्रोन जाम करने के लिए है?

उत्तर: नहीं, यह प्रणाली व्यापक इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमताएँ प्रदान करती है, जिसमें रडार जाम और संचार बाधा शामिल हैं।

प्रश्न 2: यूक्रेन को इस प्रणाली के लिए क्या भुगतान करना पड़ेगा?

उत्तर: यूके ने इसे बौद्धिक संपदा के रूप में प्रदान किया है, जिससे कोई प्रत्यक्ष वित्तीय लेन‑देन नहीं हुआ।