EU की संकट प्रबंधक हद्ज़ा लह्बिब ने फ्रांस और स्पेन में बढ़ती जंगल की आग के मद्देनज़र जलवायु रणनीति को तेज करने और अतिरिक्त फंडिंग की माँग की है। उन्होंने जलवायु‑संबंधी जोखिमों की पहले से तैयारी करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
मुख्य बातें
- जलवायु निधियों को तेज़ी से लागू करना आवश्यक
- आग जोखिम शिक्षा को बढ़ावा देना
- जंगल प्रबंधन में नई प्राथमिकता
पृष्ठभूमि
EU के संकट प्रबंध कमिश्नर हद्ज़ा लह्बिब ने 29 जुलाई को बताया कि यूरोपीय संघ को जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए अधिक निवेश और तेज़ प्रतिक्रिया चाहिए। फ्रांस के गिरोंड क्षेत्र और स्पेन में चल रही विनाशकारी जंगल की आग, साथ ही आगामी तीव्र गर्मी की लहर, इस बात को स्पष्ट करती है कि मौजूदा योजनाएँ पर्याप्त नहीं हैं।
वर्तमान में फ्रांस में लगभग 220,000 लोग और स्पेन में 110,000 लोग अपनी घरों से निकाले जा चुके हैं। गिरोंड में 42,000 हेक्टेयर से अधिक का क्षेत्र जलते हुए दिख रहा है, जो पेरिस के चार गुना क्षेत्र है। तापमान 42°C तक पहुँचने की उम्मीद है, जिससे आग और तेज़ी से फैल सकती है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि यूरोप, जो दुनिया का सबसे तेज़ गर्म होने वाला महाद्वीप है, आर्थिक और स्वास्थ्य दोनों पहलुओं में गंभीर जोखिमों का सामना कर रहा है। यदि जलवायु रणनीति को वास्तविकता के साथ तालमेल नहीं बैठाया गया तो भविष्य में बड़े पैमाने पर विस्थापन और आर्थिक नुकसान हो सकते हैं।
"जलवायु परिवर्तन की गति हमारी प्रतिक्रिया गति से तेज़ है; इसलिए तुरंत कार्य करना अनिवार्य है," कहा एक जलवायु विशेषज्ञ ने।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- EU ने अब तक कितनी जलवायु निधि प्रदान की है? वर्तमान में EU ने 2020‑2025 अवधि में लगभग €150 बिलियन का जलवायु बजट आवंटित किया है, लेकिन विशेषज्ञ इसे अपर्याप्त मानते हैं।
- जंगल की आग पर नियंत्रण के लिए कौन से कदम उठाए जा रहे हैं? फ्रांस और स्पेन दोनों ने विशेष फायर‑फाइटिंग इकाइयों को तैनात किया है और सार्वजनिक चेतावनी प्रणाली को मजबूत किया है।