चेंनई की साइकिल निर्माता मुरुगप्पा ग्रुप ने CG Semi के माध्यम से सैनंद में सेमिकंडक्टर निर्माण शुरू किया, जिससे भारत के ₹1.27 लाख‑क्रोर चिप लक्ष्य में नई उम्मीदें जुड़ी हैं। यह कदम समूह की विविधीकरण रणनीति और भारत की सिलिकॉन वैली बननै की राष्ट्रीय मिशन को दर्शाता है।
मुख्य बिंदु
- मुरुगप्पा ग्रुप ने सैनंद में सेमिकंडक्टर फैक्ट्री खोली
- भारत का लक्ष्य 2024 तक ₹1.27 लाख‑क्रोर चिप उत्पादन
- CG Semi के माध्यम से समूह ने इलेक्ट्रॉनिक्स में कदम रखा
चेंनई स्थित मुरुगप्पा समूह, जिसने 1951 में हर्क्यूलिस साइकिल्स की शुरुआत की, अब CG Semi नामक सहायक कंपनी के तहत सैनंद, गुजरात में सेमिकंडक्टर निर्माण में प्रवेश कर रहा है। यह कदम समूह की 70‑साल की इतिहास में पहली बार इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग को दर्शाता है।
सरकारी नीति के प्रोत्साहन से भारत ने 2024 तक ₹1.27 लाख‑क्रोर मूल्य के चिप उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुरुगप्पा की इस नई पहल से यह लक्ष्य हासिल करने में निजी निवेश की भूमिका स्पष्ट होती है।
फैक्ट्री में 300 मिलियन डॉलर की प्रारम्भिक पूंजी निवेश की गई है, जिससे 5,000 से अधिक उच्च कुशल श्रमिकों को रोजगार मिलेगा। इस निवेश में अत्याधुनिक 200 mm और 300 mm वाफर उत्पादन लाइन शामिल हैं, जो मोबाइल, ऑटो और एआई एप्लिकेशनों के लिए चिप्स बनाते हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत ने 2014 में राष्ट्रीय सेमिकंडक्टर मिशन शुरू किया, जिससे घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिला। पहले केवल विदेशी फाउंड्रीज ने इस बाजार को नियंत्रित किया था, पर अब कई भारतीय समूह इस क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं। मुरुगप्पा का प्रवेश इस बदलाव का एक प्रमुख उदाहरण है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the diversification of traditional manufacturing houses like Murugappa into high‑tech sectors signals a maturing Indian industrial ecosystem, reducing import dependence and fostering innovation clusters around Gujarat’s emerging semiconductor hub.
"भारत की सेमिकंडक्टर यात्रा अब केवल नीति नहीं, बल्कि निजी उद्योग की ठोस प्रतिबद्धता से आगे बढ़ रही है," कहा उद्योग विशेषज्ञ डॉ. अंजली रॉय ने।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: मुरुगप्पा समूह का सेमिकंडक्टर निवेश कितना है?
उत्तर: प्रारम्भिक निवेश लगभग 300 मिलियन डॉलर (लगभग ₹25,000 करोड़) बताया गया है।
प्रश्न 2: इस फैक्ट्री से कौन‑से प्रमुख चिप्स बनेंगे?
उत्तर: मुख्य रूप से मोबाइल प्रोसेसर, ऑटोमोटिव कंट्रोल यूनिट और एआई‑सक्षम सेंसर चिप्स का उत्पादन होगा।