भारत के तेजस्विन शंकर ने 2026 ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में पुरुष डेकैथलॉन में कांस्य पदक हासिल किया, जबकि हाई जंप में घुटने की चोट का सामना कर रहे थे। यह उनका इतिहास में दूसरा सीडब्ल्यूजी पदक है।
मुख्य बातें
- तेजस्विन ने घुटने की चोट के बावजूद डेकैथलॉन में पदक जीता
- यह भारत का CWG में दूसरा डेकैथलॉन पदक है
- शंकर ने साथी को भी सिल्वर जीतने में मदद की
27‑वर्षीय तेजस्विन शंकर ने 2026 ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में पुरुष डेकैथलॉन में कांस्य पदक जीत कर भारत का गौरव बढ़ाया। हाई जंप में चोट के बाद भागीदारी पर संदेह था, लेकिन उन्होंने सभी बाधाओं को पार किया।
हाई जंप में पहला प्रयास करने के बाद शंकर को घुटने की चोट लगी और वह कार्यक्रम से बाहर हो गया। फिर भी, उन्होंने बाकी नौ इवेंट्स में दृढ़ता से प्रतिस्पर्धा की और कुल 8,254 अंक जुटाकर कांस्य पदक secured किया।
शंकर ने पदक जीतने के बाद कहा, “दिल माँगे मोर, मैं और चाहता हूँ। मैं ग्लासगो से खाली हाथ नहीं जाना चाहता था।” उन्होंने कहा कि टीममेट सरवेश कुशारे को भी रनों में सुधार करने में मदद की, जिससे कुशारे को सिल्वर मिला।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि भारत की डेकैथलॉन क्षमता अब वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन रही है, और तेजस्विन की बहु‑इवेंट प्रदर्शन भविष्य में एशियन गेम्स में स्वर्ण की संभावना को उजागर करता है।
"तेजस्विन की बहु‑इवेंट स्थिरता और मानसिक दृढ़ता उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक अद्वितीय प्रतिभा बनाती है," कहा स्पोर्ट्स एनालिस्ट रितु वर्मा।
इतिहासिक पृष्ठभूमि
2022 बर्मिंघम CWG में तेजस्विन ने हाई जंप में भारत का पहला कांस्य पदक जीता था। अब वह अपने करियर में दूसरा CWG पदक लेकर इतिहास लिख रहे हैं, जो भारत की एथलेटिक्स में निरंतर उन्नति को दर्शाता है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: तेजस्विन ने डेकैथलॉन में कुल कितने अंक प्राप्त किए?
उत्तर: उन्होंने 8,254 अंक जमा किए, जिससे उन्हें कांस्य पदक मिला।
प्रश्न 2: डेकैथलॉन में कौन‑से इवेंट्स ने उनके स्कोर को सबसे अधिक बढ़ाया?
उत्तर: 150 मीटर दौड़ और जावा पिच में उनके तेज़ समय ने कुल अंक में बड़ा योगदान दिया।