केरल में CPI राज्य सचिव बिनॉय विस्वाम ने UDF सरकार पर पीएम‑श्री योजना के माध्यम से RSS‑BJP एजेंडा को लागू करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पिछले LDF शासन ने इस योजना के तहत कोई फंड नहीं लिया और अब केंद्र से 106.58 करोड़ रुपये की किताबें व यूनिफॉर्म के लिए रिहाई की मांग की।

Key Takeaways

  • CPI ने UDF पर RSS‑BJP एजेंडा लागू करने का आरोप लगाया
  • पीएम‑श्री योजना के अनुबंध में संविधान के अनुच्छेद 299 की सुरक्षा नहीं
  • केन्द्र से 106.58 करोड़ रुपये की किताबें व यूनिफॉर्म के लिए फंड जारी करने की माँग

बिनॉय विस्वाम, CPI के राज्य सचिव, ने सोमवार को कहा कि UDF सरकार पीएम‑श्री योजना को आगे बढ़ा रही है, जिससे RSS‑BJP एजेंडा का प्रसार हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि इस समझौते में संविधान के अनुच्छेद 299 की कोई सुरक्षा नहीं है, जिससे कानूनी जोखिम बढ़ता है।

विस्वाम ने राजसभा में उत्तर देते हुए कहा कि पूर्व LDF सरकार ने पीएम‑श्री योजना के तहत कोई भी फंड नहीं स्वीकार किया था। अब, नई सरकार के तहत, उन्होंने केन्द्र से 106.58 करोड़ रुपये की स्वीकृत राशि को तुरंत जारी करने की माँग की।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that political narratives in Kerala are increasingly polarized, and accusations like these can influence public perception ahead of the upcoming state elections, potentially reshaping voter alliances.

"यह आरोप केरल के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को खतरे में डालता है," कहते हैं राजनीतिक विश्लेषक डॉ. अनिल कुमार।

Historical Background

केरल में राजनीतिक शक्ति अक्सर दो गठबंधनों—UDF (केन्द्र सरकार के साथ) और LDF (वामपंथी गठबंधन)—के बीच बदलती रही है। पिछले दशक में, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे सामाजिक योजनाओं को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीव्र प्रतिस्पर्धा देखी गई है। पीएम‑श्री योजना, जो केंद्र द्वारा शुरू की गई एक शैक्षणिक सहायता योजना है, पहले भी विवाद का कारण बनी थी जब इसकी संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाए गए थे।

Did You Know?: केरल में 2021 के चुनाव में UDF ने 20% वोट शेयर से भी कम हासिल किया था, लेकिन वह अभी भी सरकार बना रहा है।

Frequently Asked Questions

Q1: पीएम‑श्री योजना क्या है?
A: यह केंद्र सरकार की एक पहल है जो राज्य स्तर पर स्कूल के पाठ्यपुस्तकों और यूनिफॉर्म के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है।

Q2: CPI ने इस योजना के खिलाफ क्यों आवाज़ उठाई?
A: CPI का मानना है कि इस योजना को बिना संवैधानिक सुरक्षा के लागू किया गया है और यह RSS‑BJP के राजनीतिक एजेंडा को बढ़ावा दे सकता है।