रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राजसभा में बताया कि 2,455 किमी की नई रेल कार्य‑सर्वेक्षणों के माध्यम से हल्दिया पोर्ट की माल ढुलाई क्षमता को बढ़ाया जाएगा। 18 परियोजनाओं में कुल लागत ₹25,106 करोड़ है, जिससे पूर्वी भारत की मुख्य बंदरगाहों में लॉजिस्टिक दक्षता में सुधार होगा।

मुख्य बिंदु

  • कुल 2,455 किमी के रेल कार्य और सर्वेक्षण मंजूर
  • हल्दिया पोर्ट की फ्रेट मूवमेंट में उल्लेखनीय सुधार
  • ₹25,106 करोड़ के 18 प्रोजेक्ट्स का व्यापक निवेश

रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को राजसभा में उत्तर देते हुए बताया कि हल्दिया पोर्ट की कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के लिये 2,455 किमी की कार्य‑सर्वेक्षणें शुरू कर दी गई हैं। यह पहल पूर्वी भारत के प्रमुख बंदरगाह की लॉजिस्टिक क्षमता को बढ़ाने के लिये है।

प्रमुख प्रश्न सांसद बिस्वजीत सिन्हा ने पूछा था कि क्या केवल तामलुक‑पांसकुड़ा 3rd‑4th लाइन परियोजना का सर्वे ही मंजूर हुआ है, जबकि अन्य परियोजनाओं को कार्यान्वयन की स्वीकृति नहीं मिली। वैष्णव ने स्पष्ट किया कि 18 परियोजनाओं में से 8 को लागत मंजूरी मिल चुकी है, 8 का डीपीआर तैयार है और 2 का सर्वे चल रहा है।

इन 18 परियोजनाओं की कुल लंबाई 2,455 किमी है और कुल लागत ₹25,106 करोड़ है। सबसे महँगी परियोजना सोननागर‑अंडल 3rd & 4th लाइन है, जिसकी लागत ₹13,606 करोड़ है, जो कुल अनुमोदित लागत का आधा से अधिक भाग है। भूमि अधिग्रहण लगभग पूरा हो चुका है, केवल 28 हेक्टेयर वन क्षेत्र का पुनर्विन्यास बाकी है।

परियोजनालंबाई (किमी)लागत (₹ करोड़)
सोननागर‑अंडल 3rd & 4th लाइन37513,606
भगलपुर‑डुमका‑रम्पुर्हाट डबलिंग1773,169
सत्रागाची‑खरगपुर 4th लाइन1112,905

राज्य में वर्तमान में 1,187 किमी रेल लाइन परियोजनाएँ कार्यान्वयन चरण में हैं, जिनकी कुल लागत ₹36,850 करोड़ है। सबसे महँगा प्रोजेक्ट सिवोक‑रंगपो नई लाइन है, जिसकी लागत ₹11,973 करोड़ है, जो कठिन हिमालयी भूभाग को पार करती है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that enhancing rail links to Haldia Port will reduce freight costs by up to 15% and de‑congest road corridors, thereby boosting the competitive edge of Indian exports in the Bay of Bengal region.

"हल्दिया पोर्ट की रेल कनेक्टिविटी में सुधार भारत की सप्लाई चेन को वैश्विक मानकों के करीब लाएगा," लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ डॉ. रवींद्र सिंह ने कहा।
Did You Know?: हल्दिया पोर्ट भारत का पाँचवाँ सबसे बड़ा कंटेनर टर्मिनल है, जो वार्षिक 150 मिलियन टन माल संभालता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: इन परियोजनाओं की पूर्णता कब तक अपेक्षित है?
उत्तर: वर्तमान में विस्तृत कार्य‑समय‑सारिणी जारी नहीं हुई है, लेकिन अधिकांश परियोजनाओं के लिये 2029‑2030 तक पूरा होने का लक्ष्य है।

प्रश्न 2: क्या इन कार्यों से स्थानीय रोजगार पर असर पड़ेगा?
उत्तर: हाँ, अनुमानित 30,000 से अधिक श्रमिकों को निर्माण‑और‑रखरखाव चरण में रोजगार मिलेगा।