केरल में बारिश की तीव्रता घटने के बाद भी मध्यम‑भारी वर्षा जारी है। भारत मौसम विभाग ने पूरे राज्य में पीली चेतावनी जारी की, जबकि 10 जिलों में इसे नारंगी में अपग्रेड किया गया।
मुख्य बिंदु
- केरल में मध्यम‑भारी वर्षा जारी
- इंडिया मौसम विभाग ने राज्यभर में पीली चेतावनी जारी
- मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशान आपातकालीन बैठक का संचालन करेंगे
रविवार रात से शुरू हुई लगातार बारिश सोमवार (3 अगस्त 2026) सुबह कोचि सहित कई जिलों में जारी रही। तीव्रता घटने के बाद भी मध्यम‑भारी बारिश ने कई क्षेत्रों में जीवन की सामान्य गति को बाधित किया।
इंडिया मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार को पूरे राज्य में पीली चेतावनी जारी की, जबकि 10 जिलों में इसे नारंगी में अपग्रेड किया गया, जिससे 115.6 mm से 204.4 mm भारी वर्षा की संभावना है। केवल थिरुवनंतपुरम, कोल्लम, त्रिशूर और पालक्कड़ में पीली चेतावनी बनी रही।
पथानंतित्ता में फ्लैश‑फ्लड चेतावनी जारी की गई और कासरगोड, कन्नूर, वयनाद, कोझिकोड, मलप्पुरम, पालक्कड़, त्रिशूर, एर्नाकुलम, इडुकी, कोटयाम, पथानंतित्ता और अलप्पुझा 12 जिलों में स्कूलों को छुट्टी घोषित की गई। कक्कायम जलाशय के जलस्तर के करीब पहुँचने के कारण कोझिकोड में अतिरिक्त सतर्कता लागू की गई।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
केरल का मानसून आमतौर पर जून‑सितंबर के बीच होता है, लेकिन 2018 और 2019 के चरम वर्षा घटनाओं ने राज्य को बड़े पैमाने पर बाढ़ के जोखिम में डाल दिया। पिछले दशक में सबसे तीव्र बारिश की रिकॉर्डिंग 2021 में हुई थी, जिससे कई क्षेत्रों में जलजमाव और जनस्थली विस्थापन हुआ।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that prolonged moderate‑heavy rainfall during the peak monsoon amplifies flood risk, threatens agricultural output, and strains emergency response resources across Kerala.
"निरंतर भारी वर्षा बाढ़ के जोखिम को बढ़ाती है और पूर्व योजना के अभाव में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुँचा सकती है," कहा मौसम वैज्ञानिक डॉ. अजय सिंह ने।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या सभी स्कूलों को आज छुट्टी मिली है?
उत्तर: केवल घोषित 12 जिलों में ही स्कूलों को बंद कर दिया गया है; अन्य जिलों में स्थानीय स्थितियों के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।
प्रश्न 2: क्या जलाशयों की स्थिति कारण बाढ़ की संभावनाओं को बढ़ा रही है?
उत्तर: हाँ, कक्कायम जलाशय के जलस्तर के करीब पहुँचने से बाढ़ की संभावना बढ़ी है, इसलिए स्थानीय अधिकारियों ने सुरक्षा उपाय लागू किए हैं।