हब्बली धारवाड सेंट्रल के विधायक महेश टेंगिनाकाई ने कहा कि विशेष तीव्र पुनरावृत्ति (SIR) प्रक्रिया ठीक से नहीं चल रही है। उन्होंने इस मुद्दे को लेकर भारत निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज करने की घोषणा की।

मुख्य बिंदु

  • SIR प्रक्रिया में केवल एक बार घर पर दौरा किया गया।
  • वोटर सूची में 22,000 से अधिक नाम स्थायी रूप से स्थानांतरित दिखाए जा रहे हैं।
  • राज्य निर्वाचन आयोग को शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।

हब्बली धारवाड सेंट्रल के विधायक महेश टेंगिनाकाई ने सोमवार को पत्रकारों को बताया कि विशेष तीव्र पुनरावृत्ति (SIR) प्रक्रिया को राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार लागू नहीं किया जा रहा है।

टेंगिनाकाई के अनुसार, इस विधानसभा क्षेत्र में 266 मतदान केंद्र हैं और बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) को प्रत्येक घर पर तीन बार जाना चाहिए था, परंतु उन्होंने केवल एक बार ही दौरा किया और फिर अपने-अपने बूथ पर बैठकर प्रक्रिया पूरी की।

उन्होंने यह भी उजागर किया कि लगभग 22,000 मतदाताओं को स्थायी रूप से स्थानांतरित बताया जा रहा है, जबकि पहले कहा गया था कि सभी घरों को एन्क्यूमरेशन फॉर्म वितरित किया गया है। यह विसंगतियां मतदाता हटाने की बड़ी समस्या की ओर इशारा करती हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

Karnataka में SIR प्रक्रिया 2015 में चुनावों की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए शुरू की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को सटीक बनाना और संभावित दुरुपयोग को रोकना था। पिछले वर्षों में इस प्रक्रिया को कई बार संशोधित किया गया, परंतु स्थानीय स्तर पर कार्यान्वयन में अक्सर खामियां रही हैं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि यदि SIR प्रक्रिया में त्रुटियां बनी रहती हैं तो आगामी विधानसभा चुनावों की वैधता पर प्रश्न उठ सकते हैं, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नुकसान पहुंच सकता है।

"मतदाता सूची में अनियमित परिवर्तन चुनावी परिणामों को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए यह आवश्यक है कि SIR प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ लागू हो," कहा चुनाव विशेषज्ञ डॉ. रीना शेट्टी ने।
Did You Know?: भारत में पहली बार SIR प्रक्रिया का प्रयोग 2009 के लोकसभा चुनाव में किया गया था।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: SIR प्रक्रिया में BLO की जिम्मेदारियां क्या हैं?
उत्तर: वे प्रत्येक घर पर तीन बार जाकर एन्क्यूमरेशन फॉर्म भरते हैं और मतदाता डेटा को अपडेट करते हैं।

प्रश्न 2: अगर राज्य निर्वाचन आयोग कार्रवाई नहीं करता तो अगले कदम क्या हैं?
उत्तर: विधायक जैसे टेंगिनाकाई भारत निर्वाचन आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज कर सकते हैं।