मुसि नदीफ्रंट विकास निगम ने बताया कि नदी के तलछट में भारी धातु या अन्य ख़तरनाक पदार्थ नहीं हैं, जबकि पर्यावरण कार्यकर्ता दवा‑शेष और एंटी‑माइक्रोबियल प्रतिरोध के जोखिम को लेकर चिंता जताते हैं। दोनों पक्षों के बीच असहमति इस परियोजना की पर्यावरणीय मंजूरी को चुनौती देती है।
मुख्य बिंदु
- MRDCL ने कहा कि तलछट में भारी धातु नहीं हैं और यह विकास‑योग्य है।
- पर्यावरण कार्यकर्ता दावा करते हैं कि रिपोर्ट में फ़ार्मास्यूटिकल अवशेष नहीं दिखाए गए।
- जाँच के बाद स्थानीय प्रदूषित सामग्री को अलग‑थलग कर निपटाया जाएगा।
मुसि नदी के दो जलाशयों और बापूघाट के बीच स्थित नदी के उस हिस्से की तलछट को MRDCL ने "ख़तरनाक पदार्थ‑रहित" घोषित किया है। यह बयान राज्य पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन समिति (SEIAC) को प्रस्तुत किए गए बेसलाइन अध्ययन पर आधारित है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
मुसि नदी, हैदराबाद के शहर के बीच से बहती हुई, दशकों से औद्योगिक एवं घरेलू अपशिष्ट का प्रमुख प्राप्तकर्ता रही है। 2010‑2015 में कई बार जल‑गुणवत्ता को लेकर चेतावनी जारी हुई, जिससे नदीफ्रंट विकास परियोजना की शुरुआत हुई।
पर्यावरणीय आँकड़े
MRDCL के अनुसार 24 स्थानों पर किए गए नमूनों में भारी धातु की मात्रा सीमित मानकों के भीतर पाई गई, जबकि अधिकांश प्रदूषण जैविक था – मुख्यतः सीवेज‑प्रवाहित जल के कारण पोषक‑तत्व और सूक्ष्मजीव। रिपोर्ट में खनिज‑आधारित ख़तरनाक पदार्थ नहीं दिखे।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia analysis shows कि यदि फ़ार्मास्यूटिकल अवशेष और एंटी‑माइक्रोबियल प्रतिरोध (AMR) मार्कर को अनदेखा किया गया तो भविष्य में जल‑स्रोतों की सुरक्षा व सार्वजनिक स्वास्थ्य दोनों पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
"दवा‑शेषों की जाँच के बिना कोई भी पुनर्स्थापना योजना अधूरी है," कहते हैं जल‑प्रदूषण विशेषज्ञ डॉ. अंजली सिंह।
कार्यकर्ताओं की आपत्ति
‘Scientists for People’ के सदस्य बाबू राव कालापाला ने बताया कि बापूघाट के नजदीकी फ़ार्मा उद्योगों से निकलते रसायन नदी के निचले हिस्से में उच्च स्तर पर पाए गए हैं। उन्होंने 2026 के एक वैज्ञानिक अध्ययन का हवाला दिया, जिसमें टेल्मिसार्टन, एटेनोलोल, पैरासिटामोल आदि दवाओं की मात्रा उल्लेखनीय थी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: क्या MRDCL ने फ़ार्मास्यूटिकल अवशेषों की जाँच की है?
उत्तर: रिपोर्ट में इनकी स्पष्ट रूप से उल्लेख नहीं किया गया, इसलिए कार्यकर्ता पुनः जाँच की मांग कर रहे हैं।
प्रश्न 2: यदि कोई ख़तरनाक सामग्री मिले तो उसका निपटारा कैसे होगा?
उत्तर: MRDCL ने कहा है कि ऐसी सामग्री को पर्यावरणीय नियमों के तहत अलग‑थलग कर उचित निपटारा किया जाएगा।