बॉलीवूड अभिनेत्री नौहीद सिरुसी ने इंस्टाग्राम पर अपने दो गर्भपात की कहानी साझा की और बताया कि उन्होंने बच्चे न रखने का निर्णय क्यों लिया। वह अब अपने पालतू जानवरों की देखभाल को अपना जीवन‑उद्देश्य मानती हैं।
मुख्य बिंदु
- 2018 और 2020 में दो बार गर्भपात हुआ
- बच्चे न रखने का निर्णय व्यक्तिगत और भावनात्मक कारणों से
- पशुओं की देखभाल को जीवन‑उद्देश्य बना लिया
बॉलीवूड कलाकार नौहीद सिरुसी ने अपने इंस्टाग्राम वीडियो में बताया कि 2017 में शादी के बाद 2018 में पहली बार गर्भवती हुईं, लेकिन तीसरे महीने में गर्भपात हो गया। दो साल बाद, कोविड‑19 के बीच दूसरी बार गर्भवती हुईं, फिर वही दुर्दशा दोहराई।
इन दो दर्दनाक अनुभवों के बाद, नौहीद ने पारिवारिक जीवन के बजाय अपने फुर्री पालतू जानवरों, जो लगभग अंधे और बहरे कॉकर्स हैं, की देखभाल को अपना मिशन बना लिया। वह कहती हैं, “अगर बच्चा हमारा होना चाहिए तो वह बिना किसी कृत्रिम प्रक्रिया के हमारे पास आएगा।” फिर भी उन्होंने भविष्य में विचार बदलने की स्थिति में अंडे फ्रीज़ कर रखे हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत में गर्भपात की सामाजिक मान्यताएँ अक्सर टेबू मानी जाती हैं, जिससे महिलाओं को अक्सर अकेला सामना करना पड़ता है। पिछले दो दशकों में, शहरी महिलाओं में गर्भपात के बाद मनोवैज्ञानिक समर्थन की आवश्यकता पर अधिक चर्चा हुई है, और कई सार्वजनिक हस्तियों ने अपने अनुभव साझा कर इस दिशा में परिवर्तन लाने का प्रयास किया है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that celebrity disclosures about miscarriage significantly influence public discourse, encouraging more women to seek medical and emotional support and reducing stigma around child‑free choices.
“गर्भपात के बाद शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार की देखभाल अनिवार्य है; इसे अनदेखा करने से दीर्घकालिक समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं।” – मनोवैज्ञानिक अंजली गुरसहानी
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या IVF के बिना गर्भधारण संभव है?
उत्तर: हाँ, यदि शरीर स्वयं तैयार हो तो प्राकृतिक गर्भधारण संभव है, लेकिन चिकित्सकीय सलाह आवश्यक है।
प्रश्न 2: गर्भपात के बाद कब फिर से गर्भधारण की कोशिश करनी चाहिए?
उत्तर: सामान्यतः 3‑6 महीने के पूर्ण शारीरिक और भावनात्मक पुनरुद्धार के बाद ही डॉक्टर की सलाह पर पुनः प्रयास करना चाहिए।