आईटी स्थायी समिति के अध्यक्ष निशिकांत दुबे ने मेटा के प्रमुख मार्क ज़ुकरबर्ग से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो हटाने के बाद व्यक्तिगत माफ़ी की माँग की। उन्होंने कहा, यदि माफी नहीं मिली तो सेक्शन 79 की सुरक्षा वापस ली जाएगी।
मुख्य बिंदु
- Meta ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो 5 घंटे तक हटाया।
- आईटी स्थायी समिति के अध्यक्ष निशिकांत दुबे ने ज़ुकरबर्ग से व्यक्तिगत माफ़ी की माँग की।
- यदि माफी नहीं मिली तो सेक्शन 79 की सुरक्षा वापस ली जाएगी।
नई दिल्ली – संसद की आईटी स्थायी समिति के प्रमुख निशिकांत दुबे ने सोमवार को कहा कि मेटा के सीईओ मार्क ज़ुकरबर्ग को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो हटाने के लिए व्यक्तिगत माफ़ी देनी चाहिए। यह मांग तब उठी जब प्लेटफ़ॉर्म ने पीएम के एक महत्वपूर्ण पोस्ट को पाँच घंटे तक उपलब्ध नहीं कराया।
दुबे ने कहा कि यह कार्रवाई "देश को अस्थिर करने की सोच" दर्शाती है और इसे केवल तकनीकी त्रुटि नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा, "यदि ज़ुकरबर्ग माफी नहीं देते तो सेक्शन 79 के तहत मिलने वाली सुरक्षा को वापस ले लिया जाएगा।"
Historical Background
पिछले साल, भारतीय सरकार ने मेटा के शीर्ष अधिकारियों को बुलाया था जब मोदी के एक फ़ेसबुक पोस्ट को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित किया गया था। उस समय मेटा ने क्षमा याचना की थी, लेकिन इस बार उनका व्यवहार अधिक गंभीर माना गया।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that such high‑profile content removals raise questions about platform accountability and the robustness of India's IT Act safeguards, influencing public trust in digital ecosystems.
"Digital platforms must treat official communications with the same care as any other content, lest they undermine democratic discourse," says constitutional law expert Dr. A. Sharma.
Frequently Asked Questions
Q1: क्या सेक्शन 79 की सुरक्षा वास्तव में हटाई जा सकती है?
A: संसद की समिति को यह अधिकार है कि वह प्लेटफ़ॉर्म की गैर‑अनुपालन पर इस सुरक्षा को पुनः विचार करे।
Q2: मेटा ने कब तक अपना जवाब देना है?
A: समिति ने मेटा को लिखित जवाब देने के लिए 10 दिन की समय सीमा दी है।