विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के बड़े प्रवाह और घरेलू शेयर बाजार के उछाल ने रुपये को छह लगातार सत्रों तक मजबूती दी। वैश्विक तेल की कीमतों में गिरावट और यूएस‑इरान तनाव में शमन ने भी इस रैली को बढ़ावा दिया।
Key Takeaways
- रुपया 6वें लगातार सत्र में 12 पैसे बढ़कर 95.31 पर बंद हुआ।
- क्रूड तेल की कीमत में 5% से अधिक गिरावट ने समर्थन दिया।
- FII की भारी खरीद और शेयर बाजार के लाभ ने मुद्रा को आगे बढ़ाया।
रुपया ने सोमवार को यूएस डॉलर के मुकाबले 12 पैसे की बढ़ोतरी कर 95.31 (प्रोविजनल) पर समाप्त किया, जो कि लगातार छठे सत्र की मजबूती दर्शाता है। यह गति वैश्विक क्रूड तेल की कीमत में तीव्र गिरावट और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के इरान के खिलाफ संभावित हवाई हमले को स्थगित करने के बाद देखी गई।
इंटरबैंक फॉरेक्स में रुपये ने 95.15 पर खुला और 95.11‑95.34 की तंग रेंज में व्यापार किया, अंत में 95.31 पर समाप्त हुआ। पिछले छह ट्रेडिंग सत्रों में रुपये ने 3% से अधिक की रैली दर्ज की, जिसका मुख्य कारण FII प्रवाह और पश्चिम एशिया में तनाव में कमी बताया गया।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that sustained rupee gains signal improving risk appetite among global investors, which could lower borrowing costs for Indian corporates and bolster foreign trade balances.
"रुपया की निरंतर मजबूती विदेशी पूँजी प्रवाह और तेल कीमतों के गिरावट के साथ जुड़ी है, लेकिन भू‑राजनीतिक तनाव फिर से बढ़ने पर इसका उलटाव संभव है," कहा अनजुच चौधरी, रिसर्च एनालिस्ट, मीरे एसेट शेयरख़ान।
डॉलर इंडेक्स 0.07% घटकर 99.84 पर रहा, जबकि ब्रेंट क्रूड कीमत 5.06% घटकर $83.48 प्रति बैरल हो गई। घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 544.39 अंक (0.70%) बढ़कर 78,639.03 पर बंद हुआ, और निफ्टी 390.70 अंक (1.60%) बढ़कर 24,774.30 पर पहुंचा।
Frequently Asked Questions
रुपए की वर्तमान रेंज क्या है? विशेषज्ञों का मानना है कि यह ₹94.90‑₹95.50 के बीच रहेगा, बशर्ते वैश्विक जोखिम भावना स्थिर रहे।
क्या इरान‑अमेरिका तनाव फिर से बढ़ सकता है? यदि दोनो देशों के बीच नई टकराव की संभावना बढ़ती है, तो डॉलर की मजबूती के कारण रुपये पर दबाव फिर से आ सकता है।