66 साल के शेखर सुमन ने अपने 15‑मिनट बायसेप्स वर्कआउट का खुलासा किया। उन्होंने 50‑60 पुश‑अप्स, क्लोज‑ग्रिप पुश‑अप्स और 7.5 किग्रा डम्बbell कर्ल्स को मिलाकर पूरी बॉडी को टोन किया। विशेषज्ञों का मानना है कि यहRoutine उम्र बढ़ने पर मांसपेशी शक्ति और हड्डी की घनत्व को बनाए रखने में मदद करता है।
मुख्य बिंदु
- 15‑मिनट में बायसेप्स वर्कआउट
- एक सेट में 50‑60 पुश‑अप्स
- उम्र बढ़ने पर मांसपेशी शक्ति बनाए रखें
शेखर सुमन, 66, ने हाल ही में अपनी फिटनेस रूटीन का खुलासा किया, जिसमें वह रोज़ 4 घंटे जिम में बिताते हैं और शूटिंग से पहले केवल 15 मिनट में बायसेप्स को पम्प करते हैं। वह कहते हैं, “मैं एक बार में 50‑60 पुश‑अप्स करता हूँ, जिसमें 20 क्लोज‑ग्रिप पुश‑अप्स शामिल हैं। फॉर्म बहुत ज़रूरी है।”
वीडियो में सुमन 7.5 किग्रा वाले डम्बbell से बायसेप्स कर्ल और हैंगिंग नी रेज़ दिखाते हैं। डाइटिशियन और फिटनेस एक्सपर्ट गरिमा गोयल ने कहा कि यह “छोटा पर प्रभावी अप्पर बॉडी और कोर वर्कआउट” है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that such compact routines are gaining popularity among senior celebrities because they combine strength, endurance, mobility, and stability without needing elaborate equipment.
"बायसेप्स कर्ल और पुश‑अप्स जैसे रेज़िस्टेंस एक्सरसाइज़ 50 के बाद भी मांसपेशी द्रव्यमान और हड्डी की घनत्व को बनाए रखने में अहम हैं," Garima Goyal ने कहा।
क्लिनिकल दृष्टिकोण से, यह रूटीन 50 साल के बाद विशेष रूप से लाभकारी है क्योंकि यह शक्ति प्रशिक्षण, बॉडीवेट एक्सरसाइज़ और कोर कंडीशनिंग को एक ही सत्र में मिलाता है। गिरते ग्रिप स्ट्रेंथ का संबंध वृद्धावस्था में डिसएबिलिटी और खराब स्वास्थ्य परिणामों से जुड़ा हुआ है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या यह रूटीन शुरुआती लोगों के लिए भी उपयुक्त है?
उत्तर: हाँ, लेकिन शुरुआती को हल्के वजन और कम रेप्स से शुरू करना चाहिए और धीरे‑धीरे तीव्रता बढ़ानी चाहिए।
प्रश्न 2: इस रूटीन को कितनी बार दोहराना चाहिए?
उत्तर: सप्ताह में 3‑4 बार दोहराने से मांसपेशी टोन और शक्ति में सुधार देखा गया है।