कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस ने आयोजित सम्मेलन में बताया गया कि अंग्रेजी प्रवीणता अब एआई-समर्थित कार्यबल में रोजगार का प्रमुख मानक बन गई है। लगभग सभी छात्रों ने इसे नौकरी पाने के लिए आवश्यक माना, जबकि कई छात्रों को आत्मविश्वास की कमी का सामना करना पड़ रहा है।

मुख्य बिंदु

  • लगभग 100% छात्रों ने रोजगार के लिए अंग्रेजी को आवश्यक माना।
  • 30% छात्रों को अंग्रेजी कौशल में आत्मविश्वास की कमी प्रमुख बाधा बताई।
  • बहुभाषी शिक्षा से अंग्रेजी सीखने में सुधार संभव है।

कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस और अससमेंट ने भारत के 11 शहरों, कोलंबो और काठमांडू में कैम्ब्रिज इंग्लिश लीडरशिप कॉन्फ्रेंस (CELC) 2026 आयोजित किया। इस मंच पर स्कूल प्रधानाध्यापक, शैक्षणिक नेता और अंग्रेजी शिक्षकों ने एआई‑संचालित भविष्य के लिए छात्रों को तैयार करने के तरीकों पर चर्चा की।

सर्वेक्षण के अनुसार, लगभग 1,900 कॉलेज छात्रों में से लगभग सभी ने अच्छा नौकरी पाने के लिए अंग्रेजी को आवश्यक माना, जबकि 30% ने अंग्रेजी कौशल और आत्मविश्वास को मुख्य बाधा बताया। 57% छात्र यह महसूस करते हैं कि उन्हें प्लेसमेंट के लिए पूरी तैयारी नहीं है।

दूसरा अध्ययन, कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय‑ब्रिटिश काउंसिल का MultiEd शोध, दर्शाता है कि छात्रों की मातृभाषा के साथ अंग्रेजी का उपयोग पढ़ने की समझ और कक्षा सहभागिता को बढ़ाता है, बिना अंग्रेजी सीखने के परिणामों को नुकसान पहुँचाए। यह बहुभाषी शिक्षण मॉडल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के लक्ष्यों के साथ मेल खाता है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि एआई के बढ़ते प्रभाव के साथ, सुनना, बोलना, पढ़ना और लिखना जैसी बुनियादी भाषा क्षमताएं नौकरी की सुरक्षा के लिए अनिवार्य हो रही हैं। स्कूलों को केवल अंग्रेजी को विषय के रूप में नहीं, बल्कि एक मापनीय प्रवीणता के रूप में विकसित करने की आवश्यकता है।

"भविष्य की नौकरियों के लिए अंग्रेजी केवल एक कौशल नहीं, बल्कि एक रणनीतिक संपत्ति होगी," विशेषज्ञ ने कहा।
क्या आप जानते हैं?: भारत में 22% लोग द्वितीय भाषा के रूप में अंग्रेजी सीखते हैं, जिससे यह विश्व का सबसे बड़ा अंग्रेजी सीखने वाला बाजार बनता है।

Frequently Asked Questions

  • प्रश्न: क्या बहुभाषी शिक्षा अंग्रेजी सीखने में बाधा बनती है?
    उत्तर: नहीं, कई शोध बताते हैं कि मातृभाषा के साथ अंग्रेजी सीखने से समझ बढ़ती है।
  • प्रश्न: एआई के युग में छात्र किन भाषा कौशलों पर अधिक ध्यान दें?
    उत्तर: सुनना, बोलना, पढ़ना और लिखना – सभी बुनियादी क्षमताएं आवश्यक हैं।