छह NEET-UG aspirants ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा जारी ओएमआर शीट में अंतर का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। उन्होंने ईमेल और व्यक्तिगत रूप से संपर्क करने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिलने की शिकायत की। मामला सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

मुख्य बिंदु

  • छह NEET-UG उम्मीदवारों ने OMR शीट में अंतर का आरोप लगाया।
  • उन्हें NTA से कोई उत्तर नहीं मिला, चाहे ईमेल हो या कार्यालय में व्यक्तिगत मुलाक़ात।
  • सुप्रीम कोर्ट ने मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।

विवरण

NEET-UG 2026 परीक्षा के बाद, छह उम्मीदवारों ने दावा किया कि उनके द्वारा लिखे गए उत्तर और NTA द्वारा प्रकाशित ओएमआर शीट में असंगति है। इन छात्रों ने 600‑650 अंक प्राप्त किए थे, परन्तु प्रकाशित शीट में उनके उत्तर अलग दिख रहे थे।

उन्हों ने कोर्ट में बताया कि उन्होंने NTA को कई बार ईमेल किया और कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से जाकर समस्या का समाधान माँगा, परन्तु कोई उत्तर नहीं मिला। इस कारण वे न्यायिक हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।

Historical Background

NEET-UG परीक्षा, जो 3 मई को आयोजित की जानी थी, पेपर लीक के कारण रद्द कर दी गई और 21 जून को पुनः आयोजित की गई। इस पुनः आयोजित परीक्षा में कई छात्रों ने उच्च अंक हासिल किए, परन्तु ओएमआर शीट में त्रुटियों के आरोप ने नई चुनौतियां खड़ी कर दीं।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that any perceived irregularity in national entrance exams can erode public trust in the education system and may lead to widespread legal challenges, affecting thousands of aspirants each year.

"ओएमआर शीट के डेटा की शुद्धता ही परीक्षा की विश्वसनीयता का मूल आधार है," कहते हैं शैक्षिक कानून विशेषज्ञ डॉ. रवींद्र सिंह।
क्या आप जानते हैं?: 2024 में भी NEET परीक्षा में पेपर लीक की वजह से पुनः परीक्षा आयोजित की गई थी, जिससे पहले ही सिस्टम में भरोसे की कमी उजागर हुई थी।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या यह मामला सभी NEET-UG अभ्यर्थियों को प्रभावित करेगा?

उत्तर: वर्तमान में यह केवल छह उम्मीदवारों से संबंधित है, परन्तु यदि न्यायालय के आदेश से व्यापक पुनः मूल्यांकन आवश्यक हो तो सभी को असर पड़ सकता है।

प्रश्न 2: NTA ने इस मुद्दे पर अब तक क्या कदम उठाए हैं?

उत्तर: NTA ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है; यह मामला कोर्ट की सुनवाई के बाद स्पष्ट होगा।