झारखंड के रांची में जाँच के बाद भी परीक्षा में लीक का मुद्दा गर्म, छात्र 10 दिनों से स्टेडियम को जंतर‑मंतर में बदलकर सरकार से पारदर्शी परीक्षा की माँग कर रहे हैं।
मुख्य बिंदु
- JPSC की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में बड़े पैमाने पर कागज़ लीक का आरोप
- छात्रों ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम को जंतर‑मंतर में बदल दिया
- सरकार से नई, पारदर्शी परीक्षा और वार्षिक भर्ती कैलेंडर की माँग
परिस्थिति का सारांश
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 25 जुलाई से शुरू हुआ छात्र आंदोलन, अब 10 दिन से जारी है। दिल्ली के जंतर‑मंतर जैसी ही भीड़ और नारों के साथ, छात्रों ने परीक्षा में कागज़ लीक को लेकर सरकार को ‘जिंदा रखे या मार दे’ का कठोर संदेश दिया है।
मुख्य माँगें
छात्रों का दावा है कि TDPL द्वारा आयोजित 14वीं JPSC PT परीक्षा में अनियमितताएँ हुईं। वे चाहते हैं कि वह परीक्षा रद्द कर नई, पूरी तरह से पारदर्शी प्रक्रिया से आयोजित की जाए और साथ ही वार्षिक भर्ती कैलेंडर जारी किया जाए।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
झारखंड में पिछले कुछ वर्षों में सार्वजनिक सेवा परीक्षाओं में कई बार कागज़ लीक और चयन प्रक्रिया में हेरफेर के आरोप सामने आए हैं। 2015‑2024 के बीच JSSC और JPSC के कई केसों में सिविल सेवा आयोगों की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं, जिससे छात्रों में निराशा की लहर चल रही है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia analysis shows that जब तक परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता नहीं आएगी, युवा वर्ग का सार्वजनिक सेवा में भरोसा टूटता रहेगा, जिससे राज्य की प्रशासनिक क्षमता पर दीर्घकालिक असर पड़ेगा।
"परीक्षा लीक को सिर्फ एक व्यक्तिगत गलती नहीं, बल्कि प्रणालीगत कमजोरी माना जाना चाहिए," कहते हैं शिक्षा नीति विशेषज्ञ डॉ. अनीता वर्मा।
न्यायिक जाँच और वर्तमान स्थिति
सीआईडी ने कई एजेंटों और TDPL के अधिकारियों से ओएमआर शीट और एडमिट कार्ड की मांग की है। कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. ख्यांगते की पासपोर्ट भी जब्त कर ली गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: क्या सरकार ने अभी तक कोई औपचारिक बयान जारी किया है?
उत्तर: अभी तक कोई स्पष्ट उत्तर नहीं मिला है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति को शांत करने की कोशिश की है।
प्रश्न 2: छात्रों की भूख हड़ताल कब तक जारी रहने की संभावना है?
उत्तर: छात्रों ने कहा है कि जब तक उनकी माँगें पूरी नहीं होतीं, हड़ताल जारी रहेगी।