बॉलीवुड़ अभिनेता धनुष ने तमिल भाषा न जानने को ‘अवमान’ कहा, यह बयान उन्होंने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में दिया। उन्होंने मातृभाषा सीखने की अहमियत पर ज़ोर दिया।

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मुख्य बिंदु

  • धनुष ने तमिल नहीं जानने को अपमान बताया
  • भाषा सीखने के अधिकार को सशक्त किया
  • शिक्षा नीति में मातृभाषा को प्राथमिकता देने की अपील

चेन्नई, न्यूज़टुडे – बॉलीवुड‑बॉलीवुड़ अभिनेता धनुष ने हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा कि तमिल भाषा नहीं जानना “अवमान” है, कोई “गौरव” नहीं। उन्होंने अपने बचपन के स्कूल में अंग्रेज़ी में कठिनाई का जिक्र करते हुए बताया कि तमिल पढ़ना‑लिखना उनके लिए सहज था।

धनुष ने बताया कि आज‑कल के कई युवा, जिनमें वह भी शामिल हैं, तमिल पढ़ने‑लिखने में असमर्थ हैं; उनके 10 मित्रों में से 8 को तमिल नहीं आती। उन्होंने इस प्रवृत्ति को “भाषा की अनदेखी” के रूप में वर्णित किया और छात्रों को मातृभाषा से शुरुआत करने की अपील की।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that such statements from high‑profile actors can influence public opinion and pressure policymakers to strengthen regional language education in schools.

"भाषा का ज्ञान व्यक्तिगत पहचान का मूल है, और इसे नज़रअंदाज़ करना सामाजिक असमानता को बढ़ाता है," कहा भाषा विशेषज्ञ प्रो. अजय सिंह।
Did You Know?: तमिल भाषा दुनिया की பழமையான மொழियों में से एक है, जिसकी लिखित परंपरा 2,000 वर्ष से अधिक पुरानी है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या धनुष ने तमिल सीखने के लिए कोई पहल की है?

उत्तर: हाँ, उन्होंने अपने स्कूल में “धनुष ब्लॉक” नामक भाषा केंद्र स्थापित किया, जहाँ बच्चों को मुफ्त में तमिल पढ़ाई प्रदान की जाती है।

प्रश्न 2: इस बयान का शिक्षा विभाग पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

उत्तर: कई राज्य शिक्षा अधिकारी इस पर चर्चा कर रहे हैं और मातृभाषा शिक्षा को प्राथमिकता देने की नीति पर पुनर्विचार करने की संभावना जताई है।