राजिंदर बैरागी, जो 1998 में हरियाणा पुलिस कांस्टेबल की हत्या और कई हत्या के प्रयासों में शामिल था, 27 साल तक फरार रहा। दिल्ली पुलिस ने अंततः मध्य प्रदेश के एक छोटे शहर में उसे “डॉ झटका” के रूप में छिपा पाते हुए गिरफ्तार किया।

मुख्य बिंदु

  • राजिंदर बैरागी 27 साल से फरार
  • मोटु पटलू के पात्र “डॉ झटका” के रूप में छिपे
  • दिल्ली पुलिस ने मुघौलि, मध्य प्रदेश में गिरफ्तार किया

फ़्यूजिटिव का अतीत

राजिंदर बैरागी, जिन पर कई हत्या के प्रयास और 1998 में हरियाणा के पुलिस कांस्टेबल की हत्या का आरोप था, 27 साल तक केवल पुलिस रिकॉर्ड में मौजूद रहे। 1998 में हरियाणा के सोनीपत में एक शादी के दौरान हुए झगड़े में उन्होंने और उनके सहयोगियों ने गोलीबारी की, जिससे पुलिस कांस्टेबल जय भगवान की मौत हुई।

1999 में उत्तर प्रदेश जेल से ट्रांसफ़र के दौरान, बैरागी ने गन्नौर रेलवे स्टेशन पर हाथकड़ी पहने हुए भाग निकल गया। इस भागने के बाद विभिन्न राज्यों के पुलिस विभागों ने उनका पता लगाने में असफल रहे।

डॉ झटका की पहचान

दिल्ली पुलिस ने 2026 में अपने अपराध शाखा के “नॉर्दर्न रेंज‑1” यूनिट के माध्यम से 30 साल पुराने दो हत्या के प्रयास मामलों की पुनः जाँच की। इस दौरान पता चला कि बैरागी ने दो बार पहचान बदल कर मध्य प्रदेश के मुंगौली में “राजेंडर सिंह यादव” नाम से नयी ज़िंदगी जी रखी थी।

वहां उन्होंने एक सरकारी अस्पताल में सहायक नर्स से शादी की, आधार, पैन, वोटर आईडी और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे सभी दस्तावेज़ बनवाए। स्थानीय लोग उन्हें “डॉ झटका” कहने लगे क्योंकि उनका रूप मोटु पटलू के वही कार्टून पात्र जैसा था।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that such long‑term evasion highlights gaps in inter‑state data sharing and the need for stronger digital tracking of proclaimed offenders across India.

“फ़्यूजिटिव की पहचान छुपाने के लिए सामाजिक पहचान का दुरुपयोग एक नई चुनौती है, जिसे पुलिस को तकनीकी रूप से पार करना होगा।” – प्रोफ. अंजली मेहरा, आपराधिक न्याय विशेषज्ञ
Did You Know?: “डॉ झटका” नाम वाला कार्टून पात्र 2015 में मोटु पटलू श्रृंखला में पहली बार दिखाई था, जिससे आम जनता में इस नाम की लोकप्रियता बढ़ी।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: राजिंदर बैरागी को फिर से गिरफ्तार करने में कौन सी तकनीकी विधियों का उपयोग हुआ?

उत्तर: पुलिस ने डिजिटल फ़ुटप्रिंट, मोबाइल लोकेशन डेटा और स्थानीय जनसाक्षात्कार को मिलाकर उनकी पहचान स्थापित की।

प्रश्न 2: क्या बैरागी अब भी किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल था?

उत्तर: जांच जारी है, लेकिन प्रारंभिक रिपोर्टों में यह संकेत मिला है कि वह स्थानीय क्लिनिक में डॉक्टर के रूप में कार्य कर रहा था।