सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि क्रीमी लेयर नियम केवल OBC और SEBC पर लागू होता है, SC/ST आरक्षण में नहीं. यह फैसला संसद की विधायिका में तय होगा.

मुख्य बातें

  • क्रीमी लेयर SC/ST आरक्षण पर लागू नहीं होगी
  • नियम केवल OBC और SEBC पर लागू है
  • अंतिम निर्णय संसद के पास रहेगा

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के समक्ष सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कहा कि "क्रीमी लेयर" का प्रावधान केवल ओबीसी (OBC) और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्ग (SEBC) पर लागू होता है, जबकि अनुसूचित जातियों (SC) और अनुसूचित जनजातियों (ST) पर नहीं.

वकील ने बताया कि यह स्पष्टीकरण सरकार की ओर से आया है, ताकि मौजूदा आरक्षण नीति में आर्थिक मानदंडों को लेकर किसी भी भ्रम से बचा जा सके.

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

1990 के दशक में ओबीसी को आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए "क्रीमी लेयर" की धारा लागू की गई थी, जिसका उद्देश्य उन वर्गों को आरक्षण से बाहर करना था जिनकी आर्थिक स्थिति बेहतर हो. लेकिन SC और ST के लिए ऐसा कोई प्रावधान नहीं रहा.

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that this clarification could influence future legislative debates on reservation policies, potentially affecting millions of beneficiaries across the country.

"क्रीमी लेयर का विस्तार केवल OBC तक सीमित रखना सामाजिक न्याय के मूल सिद्धांतों के अनुरूप है," कहा प्रो. अजय सिंह, सामाजिक विज्ञान विशेषज्ञ.
Did You Know?: भारत में पहली बार क्रीमी लेयर नियम 1993 में लागू हुआ था, जिससे लगभग 5% OBC वर्ग को आरक्षण से बाहर किया गया.

Frequently Asked Questions

Q1: क्या क्रीमी लेयर का कोई आर्थिक मानदंड है?

A: हाँ, यह आय सीमा पर आधारित है, जो प्रत्येक वर्ष सरकार द्वारा निर्धारित की जाती है.

Q2: क्या इस नियम में बदलाव से SC/ST के लोगों को कोई लाभ होगा?

A: वर्तमान में SC/ST के लिए कोई क्रीमी लेयर नहीं है, इसलिए इस नियम में बदलाव उनका लाभ नहीं बढ़ाएगा.