एशिया‑प्रशांत के रियल एस्टेट बाजार ने 2026 की पहली छमाही में रिकॉर्ड $105 अरब की निवेश राशि हासिल की, जिसमें कार्यालय संपत्तियों ने $40.2 अरब के साथ 40 % से अधिक हिस्सेदारी ली। भारत में घरेलू निवेशकों ने इस रुझान को आगे बढ़ाया, जबकि विदेशी पूँजी भी 24 % बढ़ी।

मुख्य बिंदु

  • APAC में H1 2026 में कुल रियल एस्टेट निवेश $105 अरब, 2022 के बाद सबसे मजबूत छमाही।
  • ऑफ़िस संपत्तियों ने $40.2 अरब निवेश के साथ क्षेत्र में 38 % हिस्सेदारी हासिल की।
  • भारत में घरेलू निवेशकों ने 57 % हिस्सेदारी ली, विदेशी पूँजी 24 % बढ़ी।

एशिया‑प्रशांत की रियल एस्टेट बाजार ने H1 2026 में $105 अरब की निवेश राशि दर्ज की, जो 2022 के बाद का सबसे बड़ा पहला आधा वर्ष है। यह वृद्धि मुख्यतः कार्यालय संपत्तियों के तेज़ी से बढ़ते आकर्षण से प्रेरित है, जिन्होंने $40.2 अरब का निवेश आकर्षित किया। रिटेल और औद्योगिक क्षेत्रों ने क्रमशः $26.7 अरब और $22.8 अरब का पूँजी आकर्षित किया, जबकि डेटा सेंटर ने $6.7 अरब की नई संभावनाएं दिखायीं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

पिछले चार वर्षों में, भारत में कार्यालय क्षेत्र ने लगभग $14 अरब का निरंतर निवेश देखा है, जो कुल पूँजी का 40‑50 % बनाता है। 2022 के बाद से विदेशी निवेशकों की भागीदारी में उतार‑चढ़ाव आया, लेकिन घरेलू निवेशकों ने निरंतर बढ़त बनायी रखी है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the sustained confidence in office REITs and the shift of developers toward monetising operational assets are reshaping capital flows, making office assets the cornerstone of APAC’s real‑estate growth narrative.

"ऑफ़िस संपत्तियों की निरंतर लोकप्रियता विविध व्यवसायिक जरूरतों और बढ़ते GCC स्पेस उपयोग से समर्थित है," Badal Yagnik, CEO & Managing Director, Colliers India ने कहा।

Did You Know?

Did You Know?: सिंगापुर ने केवल आधी साल में $14.1 अरब का लेन‑देन किया, जो पूरे 2025 के कुल को पीछे छोड़ गया।

Frequently Asked Questions

  • क्या विदेशी निवेशकों का भारत में भविष्य में अधिक हिस्सा होने की संभावना है? हाँ, विदेशी पूँजी का 24 % वार्षिक वृद्धि दर्शाती है कि वे भारत के विविधीकृत रियल एस्टेट सेक्टर में फिर से भरोसा कर रहे हैं।
  • डेटा सेंटर निवेश क्यों बढ़ रहा है? डेटा सेंटर को संस्थागत निवेशकों के लिए एक उभरती हुई, उच्च‑वृद्धि वाली वर्गीकरण माना जा रहा है, जिससे यह भविष्य में मुख्य पूँजी आकर्षक बन सकता है।