आरबीआई ने जनवरी 2027 से लागू होने वाले नए दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिनमें ऋण वसूली में हर तरह की उत्पीड़न, अनाम कॉल और अघोषित संपर्क पर प्रतिबंध है। बैंकों को अब एजेंटों की निगरानी, समय‑सीमा और उपभोक्ता क्षतिपूर्ति के स्पष्ट मानक अपनाने होंगे।

Key Takeaways

  • उत्पीड़न और अनाम कॉल पर पूरी रोक
  • संपर्क समय 8:00 am‑7:00 pm तक सीमित
  • उल्लंघन पर उधारकर्ता को मुआवजा देना अनिवार्य

नई दिशानिर्देशों के अनुसार, बैंक को सभी ऋण वसूली प्रक्रियाओं के लिए बोर्ड‑स्वीकृत नीति बनानी होगी, चाहे वह स्वयं के कर्मचारियों द्वारा हो या आउटसोर्स्ड एजेंसी द्वारा। यह नीति वसूली की शुरुआत, एस्केलेशन प्रक्रिया, एजेंटों का आचरण संहिता, और दिवंगत उधारकर्ता के मामलों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करेगी।

Historical Background

पिछले कई वर्षों में उधारकर्ताओं ने लगातार फोन कॉल, घर पर अनाम एजेंटों की धमकी भरी मौजूदगी और सामाजिक मीडिया पर अपमानजनक पोस्ट की शिकायतें दर्ज कराईं थीं। इन शिकायतों को देखते हुए, आरबीआई ने मई 2026 में मसौदा दिशानिर्देश जारी किए थे, जिन पर व्यापक सार्वजनिक एवं उद्योग प्रतिक्रिया मिली थी।

अब इस प्रतिक्रिया को शामिल कर, आरबीआई ने अंतिम नियमों को जनवरी 1, 2027 से लागू करने का निर्णय लिया है। नियमों में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि एजेंटों को उधारकर्ता, उनके परिवार या परिचितों को कोई भी अपमानजनक या धमकीपूर्ण भाषा नहीं उपयोग करनी चाहिए।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the tightened framework will not only protect borrower dignity but also push banks to adopt stronger compliance mechanisms, reducing legal risks and enhancing consumer confidence in the Indian banking sector.

"These rules set a new benchmark for ethical loan recovery, compelling banks to prioritize transparency over intimidation," says Dr. Ananya Sharma, Senior Economist at the Indian Institute of Finance.
Did You Know?: पहले 2015 में, भारत में ऋण वसूली से जुड़े विवादों के कारण बैंकिंग सेक्टर पर 5 बिलियन रुपये का जुर्माना लगा था।

Frequently Asked Questions

Q1: क्या बैंक अनजान नंबर से कॉल कर सकते हैं?
नहीं, नई दिशा‑निर्देशों के तहत अनाम कॉल पर पूरी तरह प्रतिबंध है।

Q2: यदि उधारकर्ता को नियमों का उल्लंघन होता है तो क्या मुआवजा मिलेगा?
हाँ, उधारकर्ता या उनके गारंटर को नुकसान की भरपाई के लिए उचित मुआवजा देना अनिवार्य होगा।