झारखंड में JSSC‑CGL परीक्षा की गड़बड़ी को लेकर छात्र 17 दिन से विरोध कर रहे हैं। सरकार ने 98% मांगें स्वीकार लीं, लेकिन 2% की CBI जांच की मांग पर अटका पेच बना हुआ है।
मुख्य बातें
- छात्र 17 दिन से विरोध जारी
- सरकार ने 98% मांगें स्वीकारी
- CBI जांच पर 2% मांग अटकी
प्रोटेस्ट का विस्तार
रांची में झारखंड राज्य सरकार और JSSC‑CGL परीक्षा से असंतुष्ट छात्रों के बीच तनाव बढ़ा है। परीक्षा और नियुक्तियों में गड़बड़ी को लेकर छात्र संघों ने 17‑वां दिन पारित किया, जिसमें हजारों छात्र पुरानी विधानसभा से नई विधानसभा तक शांतिपूर्ण मार्च करेंगे।
छात्र संगठनों ने सभी प्रदर्शनकारियों से एकजुट और अनुशासित रहने की अपील की है। योजना के अनुसार, सुबह 10 बजे से पहले पुरानी विधानसभा के पास जमा होकर वे एक साथ नई विधानसभा की ओर बढ़ेंगे।
सरकार की प्रतिक्रिया
राज्यपाल को तीन JPSC सदस्यों ने इस्तीफा दिया, और आयोग को भंग कर दिया गया। बैठक के बाद सरकार ने दावा किया कि छात्रों की लगभग 98% मांगें मान ली गई हैं, जिनमें 14वीं JPSC PT और ACF परीक्षा रद्द करना, TDPL एजेंसी की जांच कराना, और परीक्षा सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति बनाना शामिल है।
हालांकि, छात्र JSSC‑CGL परीक्षा को रद्द करने और पूरी प्रक्रिया की CBI जांच की लिखित मांग पर अड़े हैं। सरकार ने कहा कि हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की सीधी निगरानी में हुई परीक्षा को रद्द करने का अधिकार नहीं है।
सुरक्षा उपाय
विधानसभा घेराव को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने अलर्ट मोड लागू किया है। नई विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में (हाई कोर्ट को छोड़कर) BNS की धारा 163 लागू कर दी गई है, और किसी भी उग्र प्रदर्शन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रांची के सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है, और शत्रुता के मामलों में ‘पेंटबॉल गन’ का उपयोग किया जाएगा।
Historical Background
पिछले वर्ष 2023 में भी झारखंड में JSSC‑CGL परीक्षा से जुड़ी समान शिकायतें उठी थीं, लेकिन उस समय भी सरकार ने परीक्षा रद्द करने के बजाय सुधारात्मक उपायों की पेशकश की थी, जिससे छात्रों का असंतोष बना रहा।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the outcome of this protest could set a precedent for how state governments handle large‑scale examination scandals, influencing both policy reforms and public trust across India.
“यदि सरकार CBI जांच को मंजूरी नहीं देती, तो यह न्याय प्रणाली में विश्वास को कमजोर कर सकता है,” – प्रतिभा सिंह, सार्वजनिक नीति विशेषज्ञ।
Frequently Asked Questions
- प्रोटेस्ट का मुख्य लक्ष्य क्या है? छात्रों का प्रमुख लक्ष्य JSSC‑CGL परीक्षा को रद्द करवाना और पूरी प्रक्रिया की CBI जांच की मांग करना है।
- सरकार ने कौन‑सी सुरक्षा उपाय लागू किए हैं? BNS धारा 163 के तहत 750 मीटर के दायरे में कठोर सुरक्षा, तथा पेंटबॉल गन की तैनाती की गई है।