DeTect ने सोक्रनो‑हत्ता अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अपने उन्नत MERLIN™ True3D® बर्ड डिटेक्शन रडार की आपूर्ति के लिए प्रमुख अनुबंध हासिल किया, जिससे हवाई सुरक्षा में एक बड़ा कदम जुड़ता है।

Key Takeaways

  • DeTect ने सोक्रनो‑हत्ता हवाई अड्डे पर MERLIN™ True3D® बर्ड डिटेक्शन रडार की आपूर्ति के लिए अनुबंध सुरक्षित किया।
  • प्रणाली दोनों रनवे के अंतों पर 3D 360‑डिग्री कवरेज प्रदान करेगी।
  • परियोजना को दक्षिण कोरिया स्थित DeTect के APAC क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा प्रबंधित किया जाएगा।

DeTect Inc., एक प्रमुख रडार समाधान प्रदाता, ने जकार्ता के सोक्रनो‑हत्ता अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अपने प्रमुख MERLIN™ 7360 True3D® बर्ड डिटेक्शन रडार स्थापित करने का अनुबंध जीता है।

अनुबंध विवरण

इस समझौते के तहत दो MERLIN रडार, प्रत्येक रनवे के दो सिरों पर स्थापित किए जाएंगे, जिससे हवाई अड्डे और उसके आसपास के हवाई क्षेत्र का पूर्ण 3‑D, 360‑डिग्री कवरेज सुनिश्चित होगा। वास्तविक‑समय में जोखिमपूर्ण पक्षी गतिविधियों के अलर्ट हवाई अड्डे की बर्ड‑कंट्रोल टीम और एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर में प्रदर्शित किए जाएंगे।

प्रौद्योगिकी पृष्ठभूमि

MERLIN विश्व स्तर पर सबसे अधिक उपयोग किया जाने वाला बर्ड रडार है, जिसके 600 से अधिक इकाइयाँ विभिन्न नागरिक हवाई अड्डों, यू.एस. एयर फ़ोर्स और NASA में कार्यरत हैं। यह प्रणाली पक्षियों और ड्रोन दोनों को पहचानती है, उच्च‑जोखिम वाली गतिविधियों को वर्गीकृत करती है और तुरंत चेतावनी जारी करती है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि दक्षिण‑पूर्व एशिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में उन्नत बर्ड‑रडार तकनीक का समावेश, वन्य‑जीव‑संबंधी घटनाओं के जोखिम को घटाता है, विमान सुरक्षा को बढ़ाता है और महंगे रनवे बंद होने से बचाता है।

“पक्षी टकराव सुरक्षा की प्रमुख चिंता बनी हुई है; वास्तविक‑समय 3‑D पहचान हवाई अड्डे के संचालन में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी।” – डॉ. आयशा पटेल, एवीएशन सुरक्षा विश्लेषक.
Did You Know?: MERLIN प्रणाली एक मिनट में 1,200 तक पक्षियों को ट्रैक कर सकती है और उन्हें व्यावसायिक ड्रोन से अलग पहचानती है।

Frequently Asked Questions

  • MERLIN 7360 रडार की कवरेज सीमा क्या है? प्रत्येक रनवे के चारों ओर 15 किमी तक का कवरेज प्रदान करता है।
  • प्रणाली कब सक्रिय होगी? स्थापना का काम 2027 की दूसरी तिमाही तक पूरा होने की उम्मीद है, जिसके बाद लाइव मॉनिटरिंग शुरू होगी।