प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को संसद लाइब्रेरी में आयोजित 'मंगल मिलन' कार्यक्रम में प्रवेश करते ही सांसदों ने राष्ट्रीय ध्वज लहराते हुए 'वंदे मातरम्' और 'भारत माता की जय' के नारे लगाए। इस समारोह में सभी गठबंधन नेताओं और कई केंद्रीय मंत्रियों ने भी भाग लिया।
मुख्य बिंदु
- प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत त्रिरंग ध्वज और राष्ट्रीय नारे से हुआ
- बजट में सभी प्रमुख NDA नेता उपस्थित रहे
- मंगल मिलन का आयोजन हर मंगलवार को संसद सत्र के दौरान होता है
मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को संसद लाइब्रेरी के GMC बालायोगि ऑडिटोरियम में आयोजित राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA) की साप्ताहिक बैठक 'मंगल मिलन' में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भव्य स्वागत किया गया। सांसदों ने त्रिरंग झंडा लहराते हुए 'वंदे मातरम्' और 'भारत माता की जय' के नारे गाए, जिससे माहौल राष्ट्रवादी भावना से भर गया।
इस कार्यक्रम में भाजपा अध्यक्ष नितिन नबिन, केंद्रीय मंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी, शिवाराज सिंह चौहान, एस. जयशंकर, तथा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन सहित कई प्रमुख NDA नेता उपस्थित थे। साथ ही, JD‑S के एच.डी. कुमारस्वामी, TDP के किन्जरापु राम मोहन नायडू, RPI‑A के रामदास बंडु अथावले, NCP के प्रफुल्ल पटेल आदि अन्य गठबंधन दलों के मंत्री भी भाग ले रहे थे।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत में संसद में प्रधानमंत्री का स्वागत अक्सर राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान के साथ किया जाता रहा है। 1990 के दशक से लेकर अब तक, 'वंदे मातरम्' और 'भारत माता की जय' जैसे नारे विभिन्न राजनीतिक मंचों पर राष्ट्रवादी भावना को सुदृढ़ करने के लिए उपयोग किए गए हैं। यह परंपरा विशेष रूप से बड़े राष्ट्रीय समारोहों में अधिक स्पष्ट रूप से देखी जाती है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that such orchestrated displays of patriotism during parliamentary sessions reinforce the ruling coalition’s narrative of national unity, especially amid ongoing opposition protests over the NEET paper leak and the Ayodhya temple donation case.
"सत्र में ऐसे राष्ट्रीय उद्बोधन से जनता में सरकार के प्रति समर्थन की भावना बढ़ती है," कहा राजनीतिक विश्लेषक डॉ. अजय सिंह।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या 'मंगल मिलन' हर सत्र में आयोजित होता है?
उत्तर: हाँ, जब संसद सत्र में होता है, तब प्रत्येक मंगलवार को यह बैठक आयोजित की जाती है।
प्रश्न 2: इस कार्यक्रम में कौन‑कौन से मुख्य मुद्दे चर्चा में आए?
उत्तर: मुख्यतः मौजूदा मोनसून सत्र की कार्यवाही, दो विधेयकों का पारित होना, और विपक्ष के विरोध के कारण उठाए गए मुद्दे।