हुती विद्रोहियों ने लाल सागर के बंदरगाह अल‑मखा और मारिब के आवासीय क्षेत्रों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी, एक दिन बाद पिछले हमले में सात लोगों की मौत हुई। यमनी सरकारी बलों ने प्रतिआक्रमण किया, पर शहीदों की संख्या अभी स्पष्ट नहीं।
मुख्य बिंदु
- हुती समूह ने अल‑मखा और मारिब पर बैलिस्टिक मिसाइलें फेंकी
- पिछले दिन सात लोगों की मौत और 30 घायल हुए
- यमनी सरकारी बलों ने दुश्मन के ठिकानों पर प्रतिआक्रमण किया
यमन के अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार के सशस्त्र बलों ने कहा कि हुती समूह ने एक बार फिर लाल सागर के बंदरगाह शहर अल‑मखा और मध्य यमन के मारिब में बैलिस्टिक मिसाइलों की बौछार की। इस हमले में अभी तक कोई आधिकारिक मृत्यु संख्या घोषित नहीं की गई है।
यह हमला पिछले दिन हुए बड़े हमले के एक दिन बाद आया, जिसमें अल‑मखा में कम से कम सात लोगों की मौत और 30 से अधिक लोगों को घायल किया गया था। उस हमले ने शहर के बंदरगाह क्षेत्र को व्यापक क्षति पहुंचाई थी।
यमनी सेना ने X (ट्विटर) पर कई पोस्ट के जरिए बताया कि उन्होंने पूर्वी अल‑जाव्फ, उत्तर-पश्चिमी सादा और मध्य मारिब के अल‑तीबास क्षेत्रों में स्थित हुती ठिकानों को लक्षित किया है। इस प्रतिआक्रमण में कई हवाई हमले शामिल थे।
यह संघर्ष यमन के गृहयुद्ध में सबसे घातक दौरों में से एक माना जा रहा है, जो फरवरी 2022 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा मध्यस्थता किए गए संधि के बाद फिर से तेज़ हो गया है। इस बढ़ती हिंसा का असर न केवल यमन की मानवीय स्थिति पर बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ रहा है।
संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिनिधि हैंस ग्रुंडबर्ग ने चेतावनी दी है कि अप्रैल 2022 की शांति समझौते के बाद से सबसे बड़े संघर्ष का जोखिम बढ़ गया है, जिससे राष्ट्र के लोगों के लिए विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the renewed missile exchanges signal a dangerous escalation that could draw regional powers deeper into Yemen’s protracted war, threatening both humanitarian relief efforts and global oil supply routes.
"यदि यह तनाव जारी रहा तो मध्य पूर्व में आर्थिक अस्थिरता और मानवीय आपदा दोनों बढ़ेंगे।" – मध्य पूर्वीय सुरक्षा विशेषज्ञ, डॉ. अमीर अल‑हुसैन
Frequently Asked Questions
क्या इस हमले में कोई नागरिक हताहत हुए? अभी तक आधिकारिक तौर पर कोई संख्या घोषित नहीं हुई है, लेकिन स्थानीय रिपोर्टों से पता चलता है कि कई नागरिक प्रभावित हुए हैं।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस संघर्ष पर कैसे प्रतिक्रिया दे रहा है? संयुक्त राष्ट्र ने तुरंत शांति पुकार की है और सभी पक्षों से संयम रखने का आग्रह किया है, जबकि कई देशों ने मानवीय सहायता प्रदान करने की घोषणा की है।