विक्रम की लार गिबन के साथ वायरल वीडियो के बाद तमिलनाडु वन विभाग ने गिबन के स्वामित्व दस्तावेज़ों की मांग की। जांच ने इस प्रजाति की यात्रा को इरोड से शुरू होकर मणिपुर तक ट्रेस किया है।

मुख्य बिंदु

  • विक्रम का लार गिबन वीडियो वायरल हुआ, वन विभाग ने जांच शुरू की।
  • विभाग ने स्वामित्व प्रमाणपत्र और दस्तावेज़ों की माँग की।
  • गिबन का रास्ता मणिपुर → इरोड तक ट्रेस किया गया।

विक्रम की वीडियो ने छेड़ा वन्यजीव विवाद

तमिलनाडु वन विभाग ने अभिनेता विक्रम की लार गिबन (Hylobates lar) के साथ खेलते हुए वायरल हुई वीडियो के बाद आधिकारिक जांच शुरू कर ली है। विभाग ने गिबन के मालिकाना हक़ के प्रमाणपत्र और संबंधित कागज़ात की मांग की है।

गिबन की यात्रा और कानूनी पृष्ठभूमि

जंगल अधिकारी योगेश कुलाल ने बताया कि गिबन को व्यवसायी C.K. रंजनथन के इंजाम्बक्कम आवास से इरोड ले जाया गया। लार गिबन CITES के अनुबंध के परिशिष्ट I में सूचीबद्ध है, जिससे आयात‑निर्यात के लिए विशेष अनुमति आवश्यक है।

रिकॉर्ड के अनुसार, मणिपुर के स्टॉकधारक लायकहुराम सिंह ने 2020 में आठ लार गिबन (चार पुरुष, चार महिला) को PARIVESH 1 के तहत घोषणा की थी, और उनका मूल देश मलेशिया बताया गया। बाद में तीन गिबन (एक पुरुष, दो महिला) को इरोड के के.वी. अप्पला नायडु के अधीनस्थ अधिकारी को हस्तांतरित किया गया।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

लार गिबन दक्षिण-पूर्व एशिया का मूल निवासी है और इसकी आबादी घटती जा रही है। 1975 में CITES ने इस प्रजाति को अत्यधिक संकटग्रस्त वर्ग में रखा, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर कड़ी प्रतिबंध लगा। भारत में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत भी इस प्रजाति की आयात और कब्ज़े के लिए विस्तृत अनुमति आवश्यक है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that celebrity‑driven wildlife videos can unintentionally boost illegal pet trade, jeopardizing conservation efforts and public health alike.

“प्रसिद्धियों द्वारा पालतू बनाये गए वन्यजीव अक्सर अवैध नेटवर्क के माध्यम से लाए जाते हैं, जिससे जैव विविधता को गंभीर खतरा होता है।” – डॉ. रजत शर्मा, वन्यजीव कानून विशेषज्ञ
Did You Know?: लार गिबन अपनी शाखाओं के बीच 55 km तक की दूरी को एक ही झटके में पार कर सकते हैं।

Frequently Asked Questions

क्या लार गिबन को भारत में पालतू बनाना कानूनी है? केवल विशेष अनुमति और CITES दस्तावेज़ के साथ ही संभव है, अन्यथा यह अवैध माना जाता है।

विक्रम की इस वीडियो से क्या भविष्य में समान घटनाएँ घट सकती हैं? यदि उचित चेतावनी नहीं दी गई तो संभव है कि और सेलिब्रिटी इस प्रकार के वीडियो पोस्ट करें, जिससे वन्यजीव व्यापार में वृद्धि हो सकती है।