दक्षिण पश्चिमी रेलवे के मैसूर विभाग ने साकलेश्वर‑सुब्रह्मण्य रोड घाट पर वंदे भारत एक्सप्रेस का परीक्षण शुरू किया। सफल परीक्षणों से बेंगलुरु‑मंगलुरु मार्ग पर इस हाई‑स्पीड ट्रेन की शुरुआत संभव होगी।
मुख्य बिंदु
- वंदे भारत रेक को ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेक (AEB) से सुसज्जित किया गया
- परीक्षण 12 अगस्त से 20 अगस्त तक चलेंगे
- सफलता बेंगलुरु‑मंगलुरु सेक्टर में सेवा शुरू करने की राह खोलती है
दक्षिण पश्चिमी रेलवे के मैसूर विभाग ने 12 अगस्त को साकलेश्वर‑सुब्रह्मण्य रोड घाट सेक्शन पर वंदे भारत एक्सप्रेस रेक का फील्ड परीक्षण शुरू किया। इस रेक में ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेक (AEB) स्थापित किया गया है, जो खड़ी ढलानों पर सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
इतिहासिक पृष्ठभूमि
वंदे भारत एक्सप्रेस, भारत की पहली तेज़ गति वाली इंफ्रास्ट्रक्चर‑स्मार्ट ट्रेन, 2019 में परिचित हुई। बेंगलुरु‑मंगलुरु मार्ग पर इसकी संभावित परिचालन को लेकर कई बार चर्चा हुई, परन्तु घाटी के कठिन भू‑भौगोलिक कारणों से AEB‑सुसज्जित रेक की कमी कारण देरी हुई।
क्यों यह महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि यदि यह परीक्षण सफल रहता है, तो भारत की हाई‑स्पीड रेल नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण कड़ी जुड़ जाएगी, जिससे दक्षिणी कोस्ट पर यात्रा समय में 30% तक कमी आएगी।
"ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेक की मौजूदगी ही इस घाटी पर वंदे भारत को चलाने की कुंजी है," विशेषज्ञ ने कहा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: परीक्षण कब तक चलेंगे?
उत्तर: परीक्षण 20 अगस्त तक जारी रहने की योजना है।
प्रश्न 2: क्या यह ट्रेन बेंगलुरु‑मंगलुरु पर नियमित रूप से चलेगी?
उत्तर: सफल परीक्षण के बाद नियमित सेवा शुरू होने की संभावना है।