राज्य के आवास एवं राजस्व मंत्री पोंगुलेती श्रीनिवास रेड्डी ने केंद्र सरकार से पीएमएवाई-जी 2.0 के तहत 11,56,915 घरों का एकमुश्त आवंटन करने का आग्रह किया। उन्होंने नई दिल्ली में ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस मुद्दे पर प्रतिनिधित्व सौंपा और राज्य का दौरा करने का आमंत्रण दिया।
मुख्य बातें
- तेलंगाना में 11,56,915 ग्रामीण परिवारों को घर चाहिए
- आवश्यकता को दर्शाने हेतु ‘आवास प्लस‑2024’ ऐप से सर्वेक्षण किया गया
- केंद्र ने लक्ष्य घोषणा में देरी की, जबकि पात्रता जाँच पूरी हो चुकी है
परिस्थिति का विवरण
तेलंगाना के आवास एवं राजस्व मंत्री पोंगुलेती श्रीनिवास रेड्डी ने 13 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखते हुए 11,56,915 घरों के एकमुश्त आवंटन की मांग की। यह मांग प्रधानमंत्री आवास योजना‑ग्रामिन (PMAY‑G 2.0) के तहत है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण गरीबी को घर प्रदान करना है।
राज्य ने ‘आवास प्लस‑2024’ मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से विस्तृत दरवाज़ा‑से‑दरवाज़ा सर्वेक्षण किया। इस सर्वेक्षण में 11.56 लाख से अधिक ग्रामीण गरीब परिवारों को पात्र पाया गया, जैसा कि आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है।
पात्रता की सुपर‑चेक और अयोग्य लाभार्थियों को हटाने की प्रक्रिया एक साल पहले पूरी हो चुकी थी, परन्तु केंद्र सरकार द्वारा लक्ष्य घोषणा में अनावश्यक देरी हो रही है, जिससे राज्य के गरीब परिवारों को लाभ मिलने में बाधा उत्पन्न हो रही है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia analysis shows that तेज़ी से घर वितरण न केवल ग्रामीण आय को बढ़ाता है, बल्कि सामाजिक स्थिरता और स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार भी लाता है। तेलंगाना में इस बड़े पैमाने की आवास योजना का सफल कार्यान्वयन राज्य की विकास गति को तेज़ कर सकता है।
"सही समय पर आवास आवंटन से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक पुनरुद्धार संभव है," कहा शहरी योजना विशेषज्ञ डॉ. अनीता सिंह ने।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: क्या तेलंगाना में सभी पात्र परिवारों को घर मिलेंगे?
उत्तर: यदि केंद्र सरकार अपना लक्ष्य समय पर घोषित करती है तो सभी पात्र परिवारों को आवंटन प्राप्त होगा।
प्रश्न 2: आवंटन प्रक्रिया में देरी का मुख्य कारण क्या है?
उत्तर: वर्तमान में बजट प्रतिबंध और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में व्यवधान प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।