पश्चिमी किनारे के कुसरा गाँव में इज़राइली उपनिवेशियों ने तीन फ़िलिस्तीनी परिवारों के घरों को घेर कर पानी, बिजली और आवश्यक आपूर्ति काट दी। परिवारों ने बताया कि सेना की अनुपस्थिति में उनका जीवन भय में डूब गया है।

मुख्य बिंदु

  • इज़राइली उपनिवेशियों ने कुसरा में तीन फ़िलिस्तीनी घरों को घेर लिया
  • पानी और बिजली कटौती से आपूर्ति समाप्त
  • सेना की कार्रवाई में कमी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

घेराबंदी की शुरुआत

नाब्लुस के दक्षिण में स्थित कुसरा गाँव में बुधवार को सुरक्षा कैमरों की फ़ुटेज ने दिखाया कि इज़राइली उपनिवेशियों ने तीन फ़िलिस्तीनी परिवारों के घरों के चारों ओर घेराबंदी कर रखी थी। परिवारों ने कहा कि उपनिवेशियों ने सभी प्रवेश द्वार बंद कर दिए और जल व विद्युत आपूर्ति को काट दिया।

ऐशा अबू रिदा, जो घेराबंदी में फंसी एक महिला हैं, ने कहा, “हम उपनिवेशियों से घिरे हुए हैं, पर हम दृढ़ रहेंगे, चाहे कुछ भी हो।" उन्होंने यह भी बताया कि उनकी परिवार के पास केवल दो‑तीन दिनों का जल और बिजली बचा है।

परिवारों की कठिन स्थिति

अमेरिकी‑फ़िलिस्तीनी लोई रिदी ने बताया कि उनके भाई कुसाई अबू रिदा और उनके 18‑साल के भतीजे अहमद को इस घेराबंदी में फँसाया गया है। परिवार अभी अस्थायी सोलर पावर सिस्टम और सर्दियों में बची हुई कुएँ की पानी पर निर्भर है।

रिदी ने आरोप लगाया कि इज़राइली सेना ने प्रारंभिक मदद के अनुरोधों को नज़रअंदाज़ किया और उपनिवेशियों के साथ प्रार्थना में शामिल हो गई। “वे बस कुछ भी नहीं किया,” उन्होंने कहा।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

कुसरा क्षेत्र B में स्थित है, जहाँ फ़िलिस्तीनी नागरिक प्रशासन आधिकारिक रूप से कार्य करता है, परन्तु यहाँ बाढ़‑बढ़ती उपनिवेशी गतिविधियों ने वर्षों से तनाव बढ़ाया है। 2024‑2025 में कई गाँवों में समान घेराबंदियों और घरों के अधिग्रहण की घटनाएँ दर्ज हुईं, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ी है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the siege underscores a broader strategy of land appropriation under Israel’s right‑wing government, threatening the viability of a two‑state solution and escalating humanitarian crises across the West Bank.

“उपनिवेशियों की यह घेराबंदी अंतरराष्ट्रीय कानून के स्पष्ट उल्लंघन के साथ-साथ मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है,” एक अंतरराष्ट्रीय कानूनी विशेषज्ञ ने कहा।
क्या आप जानते हैं?: कुसरा में 2022 में एक नई मस्जिद को जलाया गया था, जो इस क्षेत्र में हिंसा के बढ़ते पैटर्न का हिस्सा है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस घेराबंदी पर कोई प्रतिक्रिया दी है?

उत्तर: संयुक्त राष्ट्र ने इस स्थिति को “भंग बिंदु” कहा है और इज़राइली बलों को कार्रवाई करने की अपील की है।

प्रश्न 2: इस घेराबंदी को समाप्त करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

उत्तर: इज़राइली सेना ने अतिरिक्त इन्फैंट्री बटालियन भेजने की घोषणा की है, लेकिन अभी तक उपनिवेशियों को हटाने में सफलता नहीं मिली।