कर्नाटक की चमरजनगर में वन विभाग द्वारा की गई गोलीबारी में तीन लोगों की मौत हो गई, जिससे विपक्ष ने न्यायिक जांच की माँग की। भाजपा ने तुरंत जांच की मांग की जबकि राज्य सरकार ने मैजिस्ट्रेट जांच शुरू कर दी है।
- चमरजनगर में 3 लोगों की मृत्यु
- विरोध ने न्यायिक जांच की माँग की
- सरकार ने मैजिस्ट्रेट जांच शुरू कर दी
कर्नाटक विधानसभा में सोमवार को चमरजनगर के हनुर वन क्षेत्र में हुई गोलीबारी को लेकर तीव्र बहस छिड़ गई। विपक्षी पार्टी के नेता आर अशोक ने कहा कि वन विभाग ने लोगों को निकट दूरी से गोलीबारी की, जबकि वन, पारिस्थितिकी और पर्यावरण मंत्री रामलिंगर रेड्डी ने कहा कि लोग आत्मसमर्पण करने से इनकार कर हमला करने लगे थे।
घटना 15 अगस्त को सुबह 5 बजे हनुर वन रेंज में हुई, जहाँ एंटोनी स्वामी (50), जॉन रोज़ पीटर (42) और कुमार सावरीयप्पन (35) मारे गए, जबकि जॉसेफ दास (44) घायल हुए। विरोध पक्ष ने कहा कि यह हत्या ‘निर्दोष किसानों’ की है, जो वन के निकट बसी हुई बस्तियों में रहते हैं।
अशोक ने पूछा, “तीनों को मारने की ज़रूरत क्या थी? अगर एक को गोली मार दी जाती तो बाकी भाग जाते।” उन्होंने प्रत्येक पीड़ित के परिवार को एक करोड़ रुपये की मुआवजा राशि और न्यायिक जांच की मांग की।
मंत्रियों ने बताया कि 14 अगस्त को रात 8 बजे एक टिप‑ऑफ़ पर दो वन विभाग की टीमें कार्रवाई पर निकलीं। 5 बजे टॉर्च की रोशनी देख कर विभाग ने लोगों को आत्मसमर्पण करने का आग्रह किया, परन्तु उन्होंने हमला किया, जिसके जवाब में एक अधिकारी ने गोली चलाई।
रेड्डी ने बताया कि उपयोग की गई स्लाइड‑एक्शन गन से तीन राउंड निकले, जिसमें कई छोटे पेललेट और गनपाउडर शामिल थे, जिससे कई शरीर के हिस्सों में चोटें आईं। उन्होंने कहा कि घटना स्थल से 34.25 किलोग्राम जंगली मांस भी बरामद किया गया।
वर्तमान में मैजिस्ट्रेट जांच चल रही है और यदि इसमें कोई कमी पाई जाती है तो मुख्यमंत्री को न्यायिक जांच की सिफ़ारिश की जाएगी। हनुर के विधायक एम आर मंजुनाथ ने प्रत्येक परिवार को 15 लाख रुपये की मुआवजा राशि देने का आश्वासन दिया है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the incident underscores the fragile balance between wildlife conservation and the rights of forest‑dependent communities, potentially influencing future policy debates in Karnataka and beyond.
“Such confrontations often arise from inadequate community engagement and unclear enforcement protocols.” – Dr. Ananya Rao, Wildlife Policy Expert.
Frequently Asked Questions
Q1: क्या इस मामले में अभी तक कोई न्यायिक जांच शुरू हुई है?
A: नहीं, वर्तमान में केवल मैजिस्ट्रेट जांच चल रही है; न्यायिक जांच की मांग विपक्ष ने की है।
Q2: पीड़ितों के परिवार को कितना मुआवजा दिया जा रहा है?
A: प्रत्येक परिवार को प्रारंभिक रूप से 15 लाख रुपये की सहायता राशि मिलने का आश्वासन दिया गया है, जबकि भाजपा ने 1 करोड़ रुपये की मांग की है।