इज़राइल की नई राष्ट्रीयता की लहर में 30 परिवारों ने क़ादिम बस्ती में पुनः प्रवेश किया, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अवैध मानता है। पास के फ़िलिस्तीनी निवासी इस वापसी से भय और विस्थापन की भावना व्यक्त कर रहे हैं।
- 30 पायनियर परिवारों ने क़ादिम बस्ती में पुनः प्रवेश किया।
- सभी इज़राइली बस्तियों को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अवैध माना जाता है।
- स्थानीय फ़िलिस्तीनी निवासियों में भय और विस्थापन की भावना बढ़ी है।
इज़राइल ने वेस्ट बैंक के जेनिन के पास स्थित क़ादिम बस्ती को आधिकारिक तौर पर फिर से खोला, जहाँ 30 टेल अवीव के परिवारों ने अपने सामान के साथ प्रवेश किया। यह कदम इज़राइल की वर्तमान सरकार द्वारा प्रेरित यहूदी राष्ट्रवाद की नई लहर को दर्शाता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस कदम की कड़ी निंदा की है।
Historical Background
क़ादिम बस्ती को 2005 में इज़राइल के पूर्वी सरकार द्वारा एकतरफ़ा निकासी योजना के तहत खाली कराया गया था। उस समय, बस्ती को अत्यधिक अलग‑थलग और सुरक्षा के लिहाज़ से महँगा माना गया था, इसलिए इसे गाज़ा और वेस्ट बैंक के अन्य बस्तियों के साथ हटाया गया। तब से इस क्षेत्र में इज़राइली निवासियों पर प्रतिबंध लगा था, जिसे वर्तमान सरकार ने उलट दिया है।
बस्ती के पुनः खुलने के समारोह में इज़राइल के दाएँ‑पक्षीय वित्त मंत्री बेज़ालेल स्मोट्रिच, न्याय मंत्री, केनेसैट स्पीकर और क्षेत्रीय बस्ती परिषद के प्रमुख यॉसी दागान ने भाग लिया। स्मोट्रिच ने बाइबिलिक शब्द “उत्तरी समरिया” का प्रयोग करते हुए कहा, “हमने 21 साल बाद क़ादिम को पुनः स्थापित किया है।”
स्थानीय फ़िलिस्तीनी किसान, जो 53 साल से उसी घर में रहते हैं, ने बताया कि वह बचपन में क़ादिम के निर्माण को देखता था और फिर 20 साल बाद बस्ती के खाली होने को देख चुका था। अब बस्ती के पुनः प्रवेश को देखते हुए वह “भय” और “विस्थापन” की भावना व्यक्त करता है।
पिछले कुछ हफ्तों में जेनिन के पहाड़ी पर सफ़ेद ट्रेलर घर दिखाई देने लगे हैं, जो नई बस्ती की तैयारी का संकेत हैं। हालांकि पत्रकारों को बस्ती में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई, लेकिन आसपास के फ़िलिस्तीनी निवासियों ने बताया कि बस्ती के विस्तार से उनका जीवन कठिन होता जा रहा है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the reopening of Kadim is part of a broader strategy by Israel’s current government to accelerate settlement expansion before the October elections, aiming to consolidate political support among right‑wing voters while further marginalizing Palestinian communities.
“The rapid re‑establishment of Kadim signals a deliberate shift in policy that undermines decades of diplomatic efforts to freeze settlement activity.”
Frequently Asked Questions
Q1: क्या क़ादिम बस्ती का पुनः खुलना अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है?
A: हाँ, सभी इज़राइली बस्तियों को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अवैध माना जाता है, और इस पुनः खोलने को कई देशों ने निंदा की है।
Q2: इज़राइल की नई बस्ती नीति का फ़िलिस्तीनी जनता पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
A: बस्ती विस्तार से फ़िलिस्तीनी किसानों को जमीन से बाहर निकालना, आर्थिक कठिनाइयाँ और सुरक्षा चिंताएँ बढ़ सकती हैं।