कोयंबटूर नगर निगम ने 4.30 किमी नॉय्यल नदी तट पर 73.05 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के लिए विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) सबमिट की। योजना में तीव्र बँध, साइक्लिंग ट्रैक, पार्क और सफ़ाई व्यवस्था सहित कई सार्वजनिक सुविधाएँ शामिल हैं।
- 73.05 करोड़ रुपये का विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) जमा
- नॉय्यल नदी के 4.30 किमी तट पर बँध, साइक्लिंग ट्रैक और पार्क
- पर्यावरणीय सुरक्षा के लिए ट्रैश बूम और सौर प्रकाश व्यवस्था
परियोजना का विस्तृत विवरण
कोयंबटूर निगम ने नॉय्यल नदी के आथुपालम से नंजुंदापुरम पुल तक के 4.30 किमी तट पर 73.05 करोड़ रुपये की लागत से बँध, स्टेप्ड गैबियन दीवारें, रिटेनिंग दीवारें और जियोसेल्स सहित व्यापक विकास कार्यों का प्रस्ताव रखा है।
प्रमुख संरचनाओं में 1,270 मीटर लंबी रिटेनिंग दीवार, 660 मीटर की पत्थर की दीवार, दो स्टील पुल और दो फुटब्रिज शामिल हैं। साथ ही 1,270 मीटर साइक्लिंग ट्रैक, वॉकवे, पार्किंग, 50 पत्थर के बैठने की जगह और 3,717 वर्ग मीटर का लेज़र स्पेस तैयार किया जाएगा।
पर्यावरणीय और सुरक्षा उपाय
नदी में तैरते कचरे को रोकने के लिए 420 मीटर लंबी ट्रैश बूम चार स्थानों पर स्थापित की जाएगी। 11.75 किमी फेंसिंग, सुरक्षा बोलार्ड और रिवॉल्विंग गेट्स के साथ सुरक्षा को मजबूत किया जाएगा। सौर ऊर्जा से चलने वाले लाइट्स और सोलर ट्रीज़ भी योजना में शामिल हैं।
ड्रोन सर्वेक्षण और सीमांकन
नागर निगम ने नॉय्यल नदी के कुल 18.56 किमी पर ड्रोन सर्वे किया और सीमाओं का विस्तृत मानचित्र तैयार किया। यह डेटा DPR में शामिल है और भविष्य की रखरखाव एवं विकास के लिए आधार बनता है।
वित्तीय अनुमोदन प्रक्रिया
DPR को नगर प्रशासन के निदेशक को वित्तीय आवंटन और स्वीकृति के लिए भेजा गया है। अनुमोदन मिलने के बाद ठेकेदारों को कार्य शुरू करने की अनुमति दी जाएगी।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
नॉय्यल नदी का कोयंबटूर में ऐतिहासिक महत्व है; यह शहर के जल संसाधन और कृषि के लिए महत्वपूर्ण रही है। पिछले दशकों में अतिक्रमण और प्रदूषण ने नदी को गंभीर खतरे में डाल दिया था, जिससे कई बार पुनर्स्थापना प्रयास किए गए। इस विकास योजना का उद्देश्य न केवल बँध को मजबूत करना बल्कि नदी को पुनर्स्थापित कर शहरी जीवन की गुणवत्ता बढ़ाना है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the Noyyal riverfront project could set a benchmark for sustainable urban river revitalization in South India, attracting tourism, boosting local economies, and serving as a model for other municipalities grappling with river pollution.
"नदी किनारा विकास से न केवल पर्यावरणीय सुधार होगा बल्कि कोयंबटूर के नागरिकों को नई सार्वजनिक जगहें मिलेंगी," जल विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमर ने कहा।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: इस परियोजना की पूर्णता में कितना समय लगेगा?
उत्तर: अनुमानित रूप से 3 से 4 वर्षों में पूरी होने की उम्मीद है, लेकिन यह फंडिंग और ठेकेदार की कार्य गति पर निर्भर करेगा।
प्रश्न 2: क्या स्थानीय निवासियों को इस विकास से कोई प्रतिकूल प्रभाव होगा?
उत्तर: योजना में शोर और धूल को कम करने के उपाय शामिल हैं, और सार्वजनिक सलाहकार समितियों के माध्यम से समुदाय की राय ली जाएगी।